Fatehpur News: 15 करोड़ की संपत्ति के लिए सगे भाइयों ने बहनों को ठगा
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के हसवा थाना क्षेत्र (आबूनगर पुलिस चौकी) से रिश्तों को शर्मसार करने वाला और एक बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक बेबस बेटी ने अपने ही सगे भाइयों पर पिता की करीब 15 करोड़ रुपये की पुश्तैनी संपत्ति हड़पने और भू-माफियाओं के साथ मिलकर 11 करोड़ रुपये के सौदों में सरकारी राजस्व (टैस) की भारी चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
25 बीघा खेत, 4 आलीशान मकान और बंदूक पर भाइयों का कब्जा
पीड़िता परवीन जहां (पुत्री स्व. रशीद उद्दीन) के अनुसार, उनके पिता की मृत्यु के बाद उनके चार भाइयों—फरीद उद्दीन, हबीब उद्दीन उर्फ बिक्कन, हसन उद्दीन उर्फ बबन और मोहम्मद उद्दीन ने मिलकर पूरी संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया। भाइयों ने बहनों को पैतृक संपत्ति के अधिकार से पूरी तरह बेदखल कर दिया। हड़पी गई संपत्ति में खसरा नंबर 1492 की 25 बीघा कीमती कृषि भूमि, शहर में स्थित 4 आलीशान मकान और पिता की 10 लाख रुपये मूल्य की कीमती लाइसेंसी बंदूक शामिल है।
ऐसे की गई 11 करोड़ की टैक्स चोरी
परवीन जहां ने साक्ष्यों के साथ खुलासा किया कि भाइयों ने सरकारी खजाने को चूना लगाने के लिए रजिस्ट्री के नियमों को ताक पर रख दिया।
करोड़ों का खेत ठिकाने लगाया: भाइयों ने मिलकर 25 बीघा पैतृक खेत को चुपचाप 10 करोड़ रुपये में बेच दिया। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में इसकी पक्की रजिस्ट्री कराने के बजाय महज 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर एग्रीमेंट (सौदा) कर करोड़ों रुपये की स्टाम्प ड्यूटी और कैपिटल गेन टैक्स की खुलेआम चोरी की गई।
मकान भी स्टाम्प पर बेचा: इसी तरह मकान नंबर 729/664 को भाई बबन ने 1 करोड़ रुपये में बिना किसी पक्की रजिस्ट्री के स्टाम्प पर बेच दिया, जिसकी भनक नगर पालिका या आयकर विभाग को नहीं लगने दी गई।
फर्जीवाड़े से बंदूक अपने नाम कराई: पिता की यादों से जुड़ी 10 लाख रुपये की लाइसेंसी बंदूक को भी भाई मुस्सन ने फर्जी कागजात तैयार कराकर अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया।

40 हजार की रसीद दिखाकर 15 करोड़ डकार गए
पीड़िता ने रुआंसे होकर बताया कि पिता ने अपने जीवनकाल में चारों बहनों को एक-एक कमरे की जमीन दी थी, लेकिन भाइयों ने उस पर भी कब्जा जमा लिया। साल 2019 में तंग आकर बहनों को वह जमीन मजबूरी में 1.60 लाख रुपये में बेचनी पड़ी। अब भाई उसी पुराने 40-40 हजार रुपये की रसीद को दिखाकर पूरी 15 करोड़ की जायदाद पर बहनों का हक खत्म होने का दावा करते हैं। जब असली कागजात मांगे जाते हैं, तो जान से मारने की धमकी दी जाती है। परवीन के मुताबिक, उनकी दो अन्य बहनों को भाइयों ने डरा-धमका कर और पैसे का लालच देकर आबूनगर चौकी में लिखवा लिया कि उन्हें हिस्सा मिल गया है ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए।
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आईजीआरएस पर शिकायत के बाद भी प्रशासन मौन
परवीन जहां वर्तमान में लखनऊ में रहकर अपने एक बेटे और बेटी का पालन-पोषण कर रही हैं। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट का साफ आदेश है कि संपत्तियों में बेटियों का बेटों के बराबर अधिकार है, फिर भी मुझे इंसाफ के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 अप्रैल 2026 को जब उन्हें इस महाघोटाले की भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासनिक मिलीभगत के कारण कोई जांच नहीं हुई।
थक-हारकर पीड़िता ने अब फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) से भाइयों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करने तथा जिलाधिकारी (DM) और आयकर विभाग से 11 करोड़ की टैक्स चोरी की जांच कराकर सरकारी राजस्व की रिकवरी करने की मांग की है।
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