बाल कलाकारों ने मंच पर जीवंत की नाट्यशास्त्र की गाथा, अभिनय से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
Lucknow News: भारतेंदु नाट्य अकादमी के रंगमंच पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बनारस से आए बाल कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारतीय रंग परंपरा पर आधारित इस नाट्य मंचन में नाट्यशास्त्र की उत्पत्ति और उसके महत्व को अत्यंत रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक में दर्शाया गया कि किस प्रकार ब्रह्मा ने चारों वेदों के सार से नाट्यवेद की रचना की और महर्षि भरतमुनि के माध्यम से उसे मानव समाज तक पहुंचाया। संवाद, अभिनय, संगीत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने नाटक को जीवंत बना दिया। पूरी प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों की गूंज से बार-बार गूंजता रहा।
कार्यक्रम में मिर्जापुर से आए 10 वर्षीय बाल कलाकार गुरु ने अपने दमदार अभिनय से विशेष पहचान बनाई। उनकी सहज अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और संवाद अदायगी ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही।

अन्य सभी बाल कलाकारों ने भी अपने पात्रों को पूरे समर्पण और अनुशासन के साथ निभाया। मंच पर उनकी ऊर्जा, भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव और अभिनय कौशल ने यह सिद्ध कर दिया कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर बाल प्रतिभाएं भी बड़े कलाकारों की तरह प्रभाव छोड़ सकती हैं।
इसे भी पढ़ें: NDA सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान का पाग पहनाकर किया भव्य स्वागत
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित दर्शकों ने सभी कलाकारों और उनके प्रशिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, साहित्य और रंगमंच की गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
भारतेंदु नाट्य अकादमी में आयोजित यह प्रस्तुति केवल एक नाटक नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और बाल प्रतिभाओं के अद्भुत संगम का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई। उत्कृष्ट अभिनय और सशक्त प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
रिपोर्ट- अरविंद शर्मा
इसे भी पढ़ें: बिहार बंद में AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही अभिषेक निलंबित
