इस्तीफे के बाद संसद पहुंचने पर NDA सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान का पाग पहनाकर किया भव्य स्वागत
Dharmendra Pradhan Parliament Entry: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद भवन पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान का सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) के सांसदों ने अभूतपूर्व स्वागत किया। सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान संसद परिसर के मकर द्वार पर पहुंचे, तो वहां मौजूद एनडीए सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे लगाए और उन्हें पारंपरिक पाग पहनाकर सम्मानित किया। संसद परिसर से सामने आई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या होता है पाग और क्या हैं इसके मायने
पाग एक विशेष प्रकार की पारंपरिक पगड़ी होती है, जो मुख्य रूप से मिथिला, राजस्थान और गुजरात जैसे क्षेत्रों में सम्मान, स्वागत, गरिमा और स्नेह का प्रतीक मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के मकर द्वार पर एनडीए सांसदों द्वारा किया गया यह भव्य स्वागत एक स्पष्ट संदेश देता है। सत्तारूढ़ गठबंधन यह दिखाना चाहता है कि धर्मेंद्र प्रधान ने किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि उच्च नैतिक मूल्यों के आधार पर अपना इस्तीफा दिया है। हालांकि, संसद के दोनों सदनों में जहां एक तरफ विपक्ष ने पेपर लीक मामले को लेकर भारी हंगामा जारी रखा, वहीं दूसरी ओर धर्मेंद्र प्रधान के इस अनोखे स्वागत की खबर दिनभर सुर्खियों में बनी रही। विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को आखिरकार स्थगित करना पड़ा।
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा के बाद पहली बार सदन में पहुँचे। pic.twitter.com/zOx4Pq465w
— Sagar Kumar “Sudarshan News” (@KumaarSaagar) July 27, 2026
CJP के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के बाद दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र और लंबे चले विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर अपने इस फैसले की जानकारी दी थी। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में लिखा था, मैं सदैव प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखता आया हूं और देश के युवाओं की आकांक्षाओं व सपनों का गहरा सम्मान करता हूं। युवा केवल भारत का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के शिल्पकार हैं। पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से मेरा मन दुखी है। यह मेरी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।
राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठाएं फायदा: धर्मेंद्र प्रधान
अपने इस्तीफे के पीछे की वजह स्पष्ट करते हुए उन्होंने आगे कहा था, जंतर-मंतर और देशभर में जो स्थिति बनी है, उसका कोई राष्ट्र विरोधी ताकत फायदा न उठा सके, देश की एकता बनी रहे और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसीलिए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री जी को सौंप दिया है। बच्चों को पढ़ाई और करियर पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया था।
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