ललित मोदी का दावा, शशि थरूर और सुनंदा को बचाने के लिए सोनिया गांधी और अहमद पटेल ने बनाया था दबाव
Lalit Modi Interview: भारतीय खेल जगत और राजनीति का सबसे विवादित अध्याय यानी साल 2010 का कोच्चि आईपीएल (IPL) मामला एक बार फिर गरमा गया है। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। मोदी का आरोप है कि तत्कालीन यूपीए (UPA) सरकार के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर और उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर को वित्तीय जांच से बचाने के लिए उन पर भारी राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल किया था। इस खुलासे ने पुराने जख्मों को हरा करने के साथ ही तत्कालीन सत्ता प्रतिष्ठान की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
#WATCH | IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "Nobody has asked this question. How did I allow Kochi to bid in the system?… Kochi didn't even have a stadium. So why did I allow Kochi to come into the system?… Why did I open it for him (Shashi Tharoor)? Because he… pic.twitter.com/M8Q4qTjQi2
— ANI (@ANI) June 4, 2026
सोनिया गांधी थीं थरूर का कवच
ललित मोदी ने इंटरव्यू में सीधे तौर पर कांग्रेस के सबसे ताकतवर परिवार और तत्कालीन सरकार के संकटमोचकों को निशाने पर लिया। मोदी ने दावा किया कि जब उन्होंने कोच्चि फ्रेंचाइजी के संदेहास्पद वित्तीय ढांचे और शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर सवाल उठाए, तो उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे पर अहमद पटेल और प्रणब मुखर्जी जैसे कद्दावर नेताओं के फोन आने लगे।
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इसके अलावा राजीव शुक्ला भी मामले को रफा-दफा करने का दबाव बना रहे थे। मोदी के अनुसार, सुनंदा पुष्कर को बिना किसी आर्थिक निवेश के 25 फीसदी फ्री इक्विटी (स्वेड इक्विटी) दी जा रही थी। जब उन्होंने इस विसंगति को उजागर करना चाहा, तो खुद तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने उन्हें फोन कर सरकारी एजेंसियों से नपवाने की धमकी दी थी।

आधी रात को दबाव में कराए गए हस्ताक्षर
ललित मोदी ने तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वे कोच्चि फ्रेंचाइजी के एग्रीमेंट पर दस्तखत करने के हक में बिल्कुल नहीं थे, लेकिन दबाव डालकर उन्हें आधी रात को बुलाकर हस्ताक्षर कराए गए, जिस पर उन्होंने अपनी लिखित असहमति भी दर्ज की थी। गौरतलब है कि वित्तीय नियमों के उल्लंघन के चलते कोच्चि टस्कर्स की टीम आईपीएल में सिर्फ एक सीजन (2011) ही खेल पाई थी।
इंटरव्यू के अंत में मोदी ने पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज से जुड़े ‘ललितगेट’ विवाद पर मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि पुर्तगाल में उनकी कैंसर पीड़ित पत्नी के इलाज के लिए उन्होंने मदद मांगी थी, जिसे राजनीति का शिकार बना दिया गया।
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