उर्फी जावेद ने किया धर्म परिवर्तन, नया नाम रीता भारद्वाज, एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी

Uorfi Javed Religion Change

Newschuski Digital Desk: सोशल मीडिया सेंसेशन और अभिनेत्री उर्फी जावेद अक्सर अपने अतरंगी कपड़ों के साथ-साथ इंटरनेट पर उड़ने वाली अजीबोगरीब अफवाहों को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया कि उर्फी ने इस्लाम धर्म का त्याग करके हिंदू धर्म अपना लिया है और अब उनका नया नाम बदलकर ‘रीता भारद्वाज’ हो गया है। इस झूठी खबर के आग की तरह फैलते ही खुद उर्फी जावेद की नजर इस पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने इस मामले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया फर्जी पोस्ट का स्क्रीनशॉट

उर्फी जावेद ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर वायरल हो रहे इस भ्रामक पोस्ट का एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए मामले की पूरी हकीकत बयां की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने न तो अपना मजहब बदला है और न ही अपना नाम बदला है। उन्होंने इस खबर को पूरी तरह से मनगढ़ंत और ‘फेक न्यूज’ करार दिया। उर्फी ने अपने फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स से भावुक अपील करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस सबूत और सच्चाई के ऐसी बातें न फैलाई जाएं और किसी भी खबर पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता (पुष्टि) जरूर जांच लें।

अनोखा फैशन और बेबाक अंदाज ही है पहचान

अपनी बोल्ड ड्रेसिंग सेंस और हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए मशहूर उर्फी जावेद की सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। यही वजह है कि उनसे जुड़ी कोई भी छोटी-बड़ी बात इंटरनेट पर तुरंत ट्रेंड करने लगती है। हालांकि, लोकप्रियता का एक नुकसान यह भी है कि अक्सर उनके नाम का इस्तेमाल करके एडिटेड तस्वीरें और झूठे दावे किए जाते हैं, जिन पर लगाम लगाने के लिए खुद उर्फी को समय-समय पर आगे आकर मोर्चा संभालना पड़ता है।

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नफरत करने वाले ज्यादातर लोग मेरे ही समुदाय के हैं

गौर करने वाली बात यह है कि कुछ समय पहले दिए एक इंटरव्यू में उर्फी ने धर्म को लेकर अपनी सोच को खुलकर साझा किया था। उन्होंने कहा था कि वे इस्लाम में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने दर्द बयां करते हुए बताया था, मुझे सोशल मीडिया पर जितने भी अपशब्द और नफरत भरे कमेंट्स मिलते हैं, उनमें से ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोगों के ही होते हैं। उनका मानना होता है कि मैं एक मुस्लिम लड़की होकर धर्म की छवि को नुकसान पहुँचा रही हूँ, इसलिए वे मुझसे चिढ़ते हैं।

मुस्लिम लड़के से शादी न करने का फैसला और बचपन का दर्द

उर्फी ने अपनी निजी जिंदगी और शादी के प्लान पर बात करते हुए साफ कहा था कि वह कभी किसी मुस्लिम लड़के से शादी नहीं करेंगी। उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि एक खास विचारधारा के पुरुष अपनी महिलाओं को पूरी तरह नियंत्रित करना चाहते हैं और उन पर अपनी मर्जी थोपते हैं। उर्फी का मानना है कि किसी को भी किसी खास धर्म का पालन करने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए, हर इंसान को अपनी मर्जी से जीने की पूरी आजादी है। अपने बचपन के कड़वे अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने बताया था कि उनके पिता बेहद संकीर्ण सोच के थे, जिसके चलते जब वे महज 17 साल की थीं, तब उनके पिता उनकी मां और भाई-बहनों को अकेला छोड़कर चले गए थे।

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