उत्तर कोरिया का अस्तित्व की जंग से परमाणु शक्ति बनने तक का सफर, जानें क्या है वैश्विक चुनौती

North Korea Nuclear Program

Newschuski Digital Desk: 1950 के दशक के कोरियाई युद्ध की राख से उठा उत्तर कोरिया आज एक ‘परमाणु वास्तविकता’ बन चुका है। दशकों के कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और कूटनीतिक दबाव के बावजूद, उत्तर कोरिया ने खुद को एक ऐसी सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित कर लिया है, जिससे टकराने से पहले महाशक्तियां भी कई बार सोचती हैं। उत्तर कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को तीन मुख्य चरणों में समझा जा सकता है।

नींव (1960-1980): सोवियत संघ की मदद से योंगब्योन में अनुसंधान रिएक्टर की स्थापना हुई। शुरुआती दौर में इसे ऊर्जा का नाम दिया गया, लेकिन 80 के दशक तक देश ने प्लूटोनियम उत्पादन की क्षमता हासिल कर ली।

गुप्त सहयोग और तकनीक (1990 का दशक): सोवियत संघ के पतन के बाद, उत्तर कोरिया ने अन्य देशों (कथित तौर पर पाकिस्तान) के साथ तकनीक का आदान-प्रदान किया। मिसाइल तकनीक के बदले यूरेनियम संवर्धन की जानकारी ने इस कार्यक्रम को नई दिशा दी।

खुली चुनौती (2000 के बाद): 2003 में परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने के बाद, 9 अक्टूबर 2006 को उत्तर कोरिया ने अपना पहला परमाणु परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया।

किम जोंग उन और ब्युंगजिन नीति

2011 में सत्ता संभालने के बाद किम जोंग उन ने इस कार्यक्रम को अपनी प्राथमिकता बनाया। उन्होंने ब्युंगजिन नीति को लागू किया, जिसका अर्थ है- आर्थिक विकास और परमाणु शक्ति का समानांतर विकास।

मारक क्षमता: आज उत्तर कोरिया के पास ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) हैं जो अमेरिका के मुख्य भूभाग तक पहुंचने में सक्षम मानी जाती हैं।

अनुमानित भंडार: विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के पास वर्तमान में 20 से 60 परमाणु हथियार हो सकते हैं।

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वैश्विक सुरक्षा पर प्रभाव

उत्तर कोरिया का परमाणु संपन्न होना वैश्विक राजनीति के लिए एक जटिल पहेली है।

प्रतिरोध (Deterrence): प्योंगयांग का तर्क है कि ये हथियार उसकी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं।

क्षेत्रीय तनाव: दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों के लिए यह सीधा खतरा है, जिससे इस क्षेत्र में हथियारों की होड़ बढ़ने का डर बना रहता है।

चीन की भूमिका: उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के नाते, चीन इस पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका में रहता है।

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