TCS नासिक में धर्मांतरण और यौन शोषण के 12 पीड़ित, 7 गिरफ्तार, निदा खान अब भी फरार

tcs nashik hr manager nida khan

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के एक सनसनीखेज रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में अब तक 12 पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है और 9 FIR दर्ज हुई हैं। पुलिस ने अब तक 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी निदा खान फरार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब महाराष्ट्र ATS और अन्य जांच एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और कट्टरपंथ के एंगल से भी जांच कर रही हैं।

कैसे हुआ इस काले खेल का खुलासा

यह मामला साल 2021 से चल रहा था, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब फरवरी 2026 में एक पीड़िता ने देओलाली पुलिस थाने में हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई। नासिक पुलिस की 7 महिला पुलिसकर्मियों ने 40 दिनों तक हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर कंपनी के भीतर काम किया। टीम ने सीनियर लीडर्स के व्यवहार, रिस्ट्रिक्टेड एरिया में होने वाली गतिविधियों और कर्मचारियों पर धार्मिक रीति-रिवाजों के लिए बनाए जा रहे दबाव के पुख्ता सबूत जुटाए।

अमानवीय व्यवहार और टारगेट करने का तरीका

जांच में सामने आया कि यह नेक्सस मुख्य रूप से 20 से 25 साल की नई हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता था।

अलग छत पर काम: पीड़ित महिलाओं को मुख्य बिल्डिंग से अलग छत पर बैठाया जाता था।

निजी सामान की जब्ती: वॉशरूम जाने पर भी मोबाइल और बैग जब्त कर लिए जाते थे।

अपमानजनक आचरण: आरोपी तौसीफ अत्तर और अन्य लोग हिंदू आस्था, बिंदी और साड़ी पहनने का मजाक उड़ाते थे और इस्लाम अपनाने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव डालते थे।

वल्गर टॉर्चर: टीम लीडर्स के डेस्क पर बुलाकर लड़कियों के साथ अश्लील बातें की जाती थीं और देर रात तक दफ्तर में रुकने के लिए मजबूर किया जाता था।

आरोपियों की सूची और वर्तमान स्थिति

पुलिस ने अब तक निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को घेरे में लिया है।

दानिश एजाज शेख (एसोसिएट): मुख्य आरोपी, शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप।

तौसिफ बिलाल अत्तर (एसोसिएट): हिंदू आस्था को निशाना बनाने का मुख्य आरोपी।

रजा रफीक मेमन (टीम लीडर): नेक्सस का हिस्सा।

अश्विनी अशोक चेनानी (AGM & ऑपरेशन हेड): शीर्ष पद पर रहते हुए संलिप्तता।

निदा एजाज खान (फरार): दानिश की बहन, जिसने धर्म छिपाने और ब्रेनवॉशिंग में मदद की।

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SIT और ATS की संयुक्त जांच

इस मामले ने अब एक बड़ा मोड़ ले लिया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह केवल कार्यस्थल का अपराध नहीं है, बल्कि एक बड़ा नेटवर्क है।

डिजिटल सबूत: आरोपियों के वॉट्सऐप चैट और फोन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

इंटरनेशनल लिंक: जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों को किसी अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी संगठन से फंडिंग मिल रही थी।

फरार आरोपी: निदा खान की तलाश में मुंब्रा और अन्य इलाकों में छापेमारी जारी है।

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