नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड तमिलनाडु से गिरफ्तार, पाकिस्तानी लिंक पर एटीएस कर रही जांच

noida violence mastermind arrested

Newschuski Digital Desk: नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के मामले में यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंसा के मुख्य मास्टरमाइंड में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, आदित्य आनंद अल्ट्रा लेफ्ट संगठन से जुड़ा हुआ है और प्रदर्शन को भड़काने में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

नोएडा में अब हालात सामान्य

हिंसा के बाद नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में अब स्थिति पटरी पर लौट आई है, हालाँकि एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से भी अधिक सख्त कर दिया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बल सेक्टर-आधारित तैनाती योजना के तहत फ्लैग मार्च कर रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सभी प्रभावित औद्योगिक इकाइयों में कामकाज सुचारू रूप से शुरू हो गया है और अधिकांश मजदूर अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आए हैं। इस बीच, सरकार ने मजदूरों के हितों को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की घोषणा की है और भविष्य में होने वाले किसी भी विवाद के निपटारे के लिए एक अलग ‘वेज बोर्ड’ गठित करने का प्रस्ताव रखा है।

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पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो कोई भी हिंसा, तोड़फोड़ या जन व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि दंगाइयों के खिलाफ ‘सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम’ के तहत भी मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, ताकि उनसे हुई क्षति की भरपाई कराई जा सके। फिलहाल, फरार आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है और सभी पहलुओं पर जारी है।

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अब तक 66 गिरफ्तारियां, पकड़े गए 45 लोग गैर-श्रमिक

गौरतलब है कि पूरे मामले की शुरुआत एक निजी कंपनी में मजदूरों और प्रबंधन के बीच हुए विवाद से हुई थी, जिसने बाद में आगजनी और पथराव का रूप ले लिया। पुलिस जांच में अब तक 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि 45 आरोपी किसी भी तरह से मजदूर नहीं हैं। आगजनी के मामले में पहचाने गए 17 लोगों में से 11 गिरफ्तार हैं, जिनमें आठ गैर-श्रमिक हैं। हिंसा भड़काने के आरोप में 32 लोगों में से 19 गिरफ्तार हैं और साजिश के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।

एटीएस को सौंपी गई पाकिस्तानी लिंक होने की जांच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और हिंसा के पीछे पाकिस्तानी साजिश के संकेत मिलने के बाद, अब प्रदेश की आतंकवाद रोधी इकाई (एटीएस) ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। एटीएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है और हर कोण से इसकी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों के विदेशी संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

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