गोविंदा फिल्म रूपा से पर्दे पर मचाएंगे तहलका, बोले- इंडस्ट्री ने मुझे नकारा ताकि मैं और मजबूती से लौट सकूं

Govinda Bollywood Comeback

Govinda Bollywood Comeback: 90 के दशक में अपनी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग, लाजवाब डांस और दमदार अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड के ‘चीची’ यानी गोविंदा लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दिग्गज अभिनेता गोविंदा अपनी आगामी फिल्म ‘रूपा’ के जरिए सिल्वर स्क्रीन पर एक बार फिर अपना जलवा बिखेरने जा रहे हैं।

सोमवार को मुंबई में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंदा ने अपनी वापसी का आधिकारिक एलान किया। इस दौरान भावुक और पूरे आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए अभिनेता ने कहा कि शायद उनकी किस्मत में फिल्म इंडस्ट्री द्वारा नजरअंदाज किया जाना ही लिखा था, ताकि वे पहले से कहीं ज्यादा मजबूती और ऊर्जा के साथ बॉक्स ऑफिस पर कमबैक कर सकें।

मैं हर बार शून्य से शुरुआत करता हूँ

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने संघर्ष के दिनों और इंडस्ट्री के बदलते रवैये पर खुलकर बात करते हुए गोविंदा ने कहा, शायद मेरी तकदीर में कई बार लोगों द्वारा नकारा जाना ही लिखा था। एक वक्त था जब लोगों ने मान लिया था और कहना शुरू कर दिया था कि अब गोविंदा कभी फिल्मों में नजर नहीं आएगा, लेकिन मैं हार मानने वालों में से नहीं हूँ। मैं हर बार फिर से शून्य से शुरुआत करता हूँ।

अपनी नई पारी को लेकर उत्साहित गोविंदा ने आगे कहा, मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि जो मैंने सोचा है और जिसकी लोग कल्पना भी नहीं कर सकते, वह इस फिल्म ‘रूपा’ के जरिए सच साबित हो। यह फिल्म खास तौर पर आज के युवाओं के लिए है। जब वे इसे सिनेमाघरों में देखेंगे, तो उनके सपनों को एक नई उड़ान मिलेगी।

अंक ज्योतिष को लेकर किया दिलचस्प खुलासा

प्रेस वार्ता के दौरान गोविंदा ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला राज साझा किया। उन्होंने बताया कि वे अंक ज्योतिष (न्यूमरोलॉजी) में अटूट विश्वास रखते हैं। गोविंदा ने कहा, 14 नंबर मेरा सबसे बड़ा लकी नंबर है। यहां तक कि मेरा नाम भी अंक ज्योतिष के हिसाब से ही तय किया गया था। मैंने बहुत ही कम उम्र में, जब मैं महज 14 साल का था, तभी से न्यूमरोलॉजी पर यकीन करना शुरू कर दिया था।

अपनी जिंदगी में 14 नंबर के गजब के संयोग को समझाते हुए उन्होंने बताया, “मुझ पर ईश्वर की असीम कृपा थी कि मैंने अपने करियर के शुरुआती दौर में एक ही हफ्ते के भीतर 14 फिल्में साइन की थीं। इसके बाद मैंने लगातार 14 सालों तक बॉलीवुड में अनपैरेलल सुपर-स्टारडम का दौर देखा। फिर राजनीति में कदम रखते हुए मैं 14वीं लोकसभा में सांसद चुना गया। इसके बाद जीवन के उतार-चढ़ाव में मैंने 14 साल तक कड़ा संघर्ष भी किया और फिर फिल्मों में वापसी की। यह पहली बार है जब मैं 5 साल से ज्यादा का इंतजार नहीं कर सका। मैं एक बार फिर नई शुरुआत कर रहा हूँ और मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरा अगला सुनहरा सफर यहीं से शुरू हो चुका है।

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बिना शराब, सिगरेट और लहसुन-प्याज के हीरो कैसे बनोगे

अपने पुराने दिनों को याद करते हुए गोविंदा ने मुस्कुराते हुए बताया कि जब वे शुरुआत में अपने गांव में लोगों से कहते थे कि वे एक दिन बड़े स्टार यानी हीरो बनेंगे, तो लोग उनका जमकर मजाक उड़ाया करते थे। गोविंदा के मुताबिक, लोग मुझ पर हंसते थे और कहते थे कि तुम न तो सिगरेट पीते हो, न शराब को हाथ लगाते हो, न नॉन-वेज खाते हो और यहां तक कि तुम तो लहसुन-प्याज तक नहीं खाते! भला ऐसे सीधे-साधे रहन-सहन के साथ तुम हीरो कैसे बन सकते हो?

बच्चों के लिए जरूरी है रूपा

गोविंदा ने पुरानी रूढ़ियों पर तंज कसते हुए कहा कि लोग अक्सर उनसे कहते थे कि अगर तुम इस चकाचौंध वाली दुनिया के डर से भागोगे, तो अंत में साधु बन जाओगे। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। गोविंदा ने गर्व से कहा, मैंने हार नहीं मानी और वही मुकाम हासिल किया जो मेरी पूज्य मां ने मेरे लिए सोचा था। अपनी आगामी फिल्म ‘रूपा’ के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों और नई पीढ़ी के लिए ऐसी प्रेरणादायक फिल्में बनना बहुत जरूरी है, जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सीख दें।

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