मौसम का डबल अटैक, दक्षिण-पूर्व में तेजी से बढ़ रहा मानसून, तो उत्तर भारत में भीषण लू का रेड अलर्ट
Weather Forecast 2026: देश में इस समय मौसम के दो बिल्कुल अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में बेहद आक्रामक रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को अभी इसके लिए लंबा इंतजार करना होगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एक बड़े हिस्से में अगले कुछ दिनों तक सूरज की तपिश और भीषण लू का कहर जारी रहेगा।
यूपी में गर्मी और बारिश का अनोखा कॉकटेल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के लोगों को तपती धूप के साथ-साथ उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 से 12 जून के बीच छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 और 12 जून को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, इस राहत से पहले राज्य को भीषण लू झेलनी होगी, 9 से 10 जून के दौरान पूर्वी यूपी और 9 से 11 जून तक पश्चिमी यूपी के जिलों में गर्म हवाएं (लू) चलने की कड़ी आशंका जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर और पंजाब-हरियाणा में धूलभरी आंधी के आसार
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 8 से 11 जून के बीच तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लू का प्रकोप बढ़ेगा। हालांकि, 11 और 12 जून को इन क्षेत्रों में मौसम करवट ले सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसकी अधिकतम गति (झोंके) 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
राजस्थान में सबसे खराब हालात, पहाड़ी राज्यों में बारिश जारी
राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान में आज (7 जून) 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके बाद 8 से 12 जून तक यहां जानलेवा लू चलेगी। वहीं, पूर्वी राजस्थान में 6 से 12 जून के बीच हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा।
पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 7 से 12 जून तक रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी। हिमाचल प्रदेश में 6-8 जून व 11-12 जून को और उत्तराखंड में 6 से 12 जून तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 12 जून तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 40-50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।
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कहाँ तक पहुंचा बादलों का कारवां
राहत की बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों में तेजी से पैर पसार रहा है। 6 जून को मानसून ने अरब सागर के कई हिस्सों सहित कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी, मिजोरम और मणिपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में मानसून के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के बाकी हिस्सों में बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बाद अगले 4-5 दिनों में यह ओडिशा, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में दस्तक दे देगा।
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