रात में प्रशासन के साथ शाही मस्जिद की 11 फीट हिस्सा हटाने की बनी थी सहमति, सुबह हो गया बवाल, जानें कैसे भड़की हिंसा
Ujjain Shahi Masjid Dispute: मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के तहत शाही मस्जिद का एक हिस्सा हटाने को लेकर उपजा विवाद सोमवार सुबह अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। हालांकि प्रशासन और शहर काजी के साथ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच रविवार रात ही मस्जिद का 11 फीट हिस्सा खुद हटाने को लेकर पूरी तरह सहमति बन चुकी थी, लेकिन सोमवार सुबह अचानक भीड़ जुटने और पथराव होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। फिलहाल भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
उज्जैन नगर निगम की ओर से कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबे मार्ग को सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के तहत 15 मीटर चौड़ा करने का काम किया जा रहा है। इसी सड़क चौड़ीकरण की जद में ऐतिहासिक शाही मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा आ रहा था।
रविवार देर रात जिला प्रशासन और शहर काजी खलिकुर्रहमान के बीच लंबी बैठक हुई। कलेक्टर रौशन कुमार की मौजूदगी में यह तय हुआ कि मस्जिद के प्रभावित हिस्से को मशीनों की बजाय कमेटी के लोग खुद हटाएंगे। रविवार रात करीब 4 बजे तक चले इस समझौते का वीडियो शहर काजी ने सोशल मीडिया पर भी साझा किया था और शांति बनाए रखने की अपील की थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए भ्रामक मैसेज बने विवाद की मुख्य वजह
रविवार रात के समझौते के बावजूद सोमवार सुबह स्थिति तब बिगड़ गई जब सुबह 8 बजे के आसपास अचानक मौके पर भारी भीड़ जमा होने लगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
जांच में सामने आया है कि रविवार रात प्रशासन और काजी के बीच हुए समझौते की सही जानकारी आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई। इस बीच कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स और इंस्टाग्राम पर भ्रामक और भड़काऊ मैसेज धड़ल्ले से वायरल कर दिए गए। रात के फैसले की बजाय इन अफवाहों और भ्रामक संदेशों ने लोगों को उकसाने का काम किया, जिससे सुबह होते ही विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया।
पथराव और आंसू गैस का इस्तेमाल, महिला टीआई चोटिल
सोमवार सुबह जैसे ही मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई शुरू होनी थी, वैसे ही उग्र भीड़ ने विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में ड्यूटी पर तैनात एक महिला थाना प्रभारी (टीआई) को चोटें आईं हैं।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर घेराबंदी कर दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर इलाके में 2000 से अधिक सुरक्षा बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात कर दिया गया है। मस्जिद परिसर में कमेटी की देखरेख में हटाने का काम जारी है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक है।
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शहर काजी की अपील और प्रशासन की सख्त कार्रवाई
हिंसा के बाद उज्जैन के शहर काजी ने एक बार फिर वीडियो जारी कर आमजन से शांति बनाए रखने, घरों में रहने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने दोहराया कि रात में हीसुलझाए गए मामले को लेकर इस तरह का विरोध उचित नहीं है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क चौड़ीकरण की इस जद में केवल मस्जिद ही नहीं, बल्कि खड़े हनुमान मंदिर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुश्तैनी घर का हिस्सा भी प्रभावित हुआ है। इस कार्रवाई को कानूनी चुनौती देने वाली याचिकाएं इंदौर हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। उपद्रवियों और पथराव करने वालों की पहचान के लिए पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज की मदद ले रही है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) दर्ज की जा रही है।
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