Cockroach Janta Party: मीम से शुरू हुआ सियासी मजाक, 1 करोड़ फॉलोअर्स पार

cockroach janta party

Cockroach Janta Party: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर इन दिनों एक नई पार्टी की चर्चा जोरों पर है, जिसने महज कुछ ही समय में 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इस वर्चुअल दल का नाम है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)। हालांकि, यह पार्टी भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में पंजीकृत (रजिस्टर्ड) नहीं है, लेकिन इसकी लोकप्रियता किसी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी जैसी ही नजर आ रही है।

दिलचस्प बात यह है कि इस अनूठी पार्टी का जन्म भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुआ। हालांकि, सीजेआई इस पर बाद में सफाई दे चुके हैं कि उनके बयान को मीडिया में तोड़-मरोड़कर और गलत संदर्भ में पेश किया गया था। आइए जानते हैं कि इंटरनेट पर तहलका मचाने वाली इस सीजेपी (CJP) के पीछे कौन सा दिमाग है।

कौन हैं इसके फाउंडर अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी की नींव पुणे के रहने वाले अभिजीत दीपके ने रखी है। अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस मंच को युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए समर्पित बताया गया है। इसका मुख्य नारा भी काफी अनूठा है धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, आलसी। अभिजीत के बैकग्राउंड की बात करें तो उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में स्नातक (ग्रेजुएशन) किया है, जिसके बाद वह पब्लिक रिलेशंस (PR) में पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी चले गए थे। राजनीति और डिजिटल कैंपेनिंग में उनका पुराना अनुभव रहा है।

साल 2020 से 2023 के बीच वे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया और चुनावी कैंपेन से सक्रिय रूप से जुड़े थे। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘आप’ की जीत के पीछे उनके मीम-आधारित डिजिटल कैंपेन की बड़ी भूमिका मानी जाती है। बाद में वे कुछ समय के लिए इस क्षेत्र से दूर विदेश चले गए थे।

इसे भी पढ़ें: अंतिम संस्कार के दौरान मगरमच्छ का शिकार बना युवक, 24 घंटे बाद मिला शव

मजाक के मुखौटे में गंभीर मुद्दों की बात

इस वर्चुअल पार्टी ने सदस्यता के लिए मजाकिया तौर पर कुछ शर्तें रखी हैं, जैसे व्यक्ति का ‘बेरोजगार होना, चौबीसों घंटे ऑनलाइन रहना, पेशेवर रूप से भड़ास निकालना और बेहद आलसी होना’ जरूरी है। लेकिन इस हास्य-व्यंग्य (Satire) के पीछे पार्टी युवाओं की बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद, व्यवस्था की पारदर्शिता और युवाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे बेहद गंभीर विषयों को उठा रही है। सीजेपी जल्द ही एक ‘जेन जी’ (Gen Z) वर्चुअल सम्मेलन भी करने जा रही है, जिसमें युवा देश की नीतियों और गवर्नेंस पर बात करेंगे।

पार्टी के ऑनलाइन मेनिफेस्टो (घोषणापत्र) में कुछ बड़े राजनीतिक सुधारों की मांग की गई है, जिनमें शामिल हैं।

मुख्य न्यायाधीशों (CJI) के रिटायरमेंट के बाद उनके किसी भी राजनीतिक पद को स्वीकार करने पर पूरी तरह प्रतिबंध।

महिलाओं के लिए राजनीति और नौकरियों में 50 फीसदी आरक्षण।

भारतीय मीडिया की पूर्ण स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।

पाला बदलने वाले (दलबदलू) नेताओं के चुनाव लड़ने पर 20 साल का कड़ा प्रतिबंध।

इस अनोखे प्रयोग को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंटे हैं। कुछ लोग इसे महज मीम पॉलिटिक्स कहकर खारिज कर रहे हैं, तो वहीं युवाओं का एक बड़ा वर्ग इसे सराह रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह पहली बार है जब कोई मंच युवाओं की अपनी भाषा में उनकी वास्तविक चिंताओं को इतनी बेबाकी से उठा रहा है।

इसे भी पढ़ें: लखनऊ मेयर के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज, पार्षद के मामले में हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...