बस स्टैंड से युवती को कार में उठा ले गए हैवान, लाज में ले जाकर की दरिंदगी, तीन गिरफ्तार

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Mysuru News: कर्नाटक के मैसूरु जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक युवती के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घटना को अंजाम दिया गया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना मैसूरु जिले के टी. नरसीपुरा टाउन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे पीड़िता के गंभीर आरोपों के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं।

बस स्टैंड से जबरन कार में ले जाने का आरोप

पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित युवती ने आरोप लगाया है कि दो दिन पहले जब वह टी. नरसीपुरा के प्राइवेट बस स्टैंड पर खड़ी थी, तभी तीनों आरोपी वहां पहुंचे और उसे जबरदस्ती अपनी कार में बिठा लिया। इसके बाद आरोपी उसे संतेमाराहल्ली शहर के एक लॉज में ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ यौन उत्पीड़न और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। शिकायत दर्ज होते ही एक्शन में आई टी. नरसीपुरा पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किरण, किशोर और रियान के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस की जांच में नया मोड़

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया गया है, लेकिन घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने अलग दावा किया है। आरोपियों का कहना है कि युवती अपनी मर्जी से उनके साथ लॉज गई थी। वहां किसी बात पर वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद और कहासुनी हो गई, जिसके बाद वे युवती को वापस छोड़कर चले आए। आरोपियों का दावा है कि इसी बहस से नाराज होकर महिला ने उन पर गैंगरेप के झूठे आरोप लगाए हैं।

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पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे केवल आरोपों और बयानों के आधार पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रहे हैं। मामले का सच उजागर करने के लिए पीड़िता की पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड), उसकी गतिविधियों और आरोपियों के दावों की फोरेंसिक व तकनीकी साक्ष्यों के जरिए जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लॉज के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

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