असद की बहन से था सूर्या का रिश्ता, सपा प्रवक्ता ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल
Ghaziabad Asad Encounter: गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान की नृशंस हत्या के मुख्य आरोपी असद को रविवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ (एनकाउंटर) में ढेर कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर के बाद अब उत्तर प्रदेश में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने इस एनकाउंटर की टाइमिंग और पुलिसिया थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए दावा किया है कि असद को पहले पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया था और बाद में उसका फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना अच्छी बात है और हम उसके साथ हैं, लेकिन न्याय के नाम पर पुलिसिया दावों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि असली सच जनता के सामने आ सके।
सपा का बड़ा दावा: दोनों दोस्त थे और एक ही गली में रहते थे
अमीक जामेई ने इस पूरे हत्याकांड के पीछे चल रहे विवाद को लेकर एक नया और चौंकाने वाला दावा पेश किया है। सपा प्रवक्ता के अनुसार, गाजियाबाद में नाबालिग असद और सूर्या आपस में गहरे दोस्त थे और एक ही गली में रहते थे। इस घटना के पीछे कोई सांप्रदायिक नफरत या पुराना हिंसक विवाद नहीं था।
जामेई ने दावा किया कि मृतक सूर्या की दोस्ती असद की बहन से थी। यह बात असद को नागवार गुजरती थी और इसी पारिवारिक मुद्दे को लेकर दोनों के बीच पिछले कुछ समय से तनाव चल रहा था। विवाद बढ़ने पर असद का परिवार उस मोहल्ले को छोड़कर दूसरी जगह रहने लगा था, लेकिन दोनों के बीच का यह गतिरोध खत्म नहीं हुआ और अंततः यही मुद्दा सूर्या की जान के लिए खतरा बन गया।
असद का एनकाउंटर हुआ सूर्य के परिवार को बेशक न्याय मिला जो मिलना चाहिए था
पर जाँच हो तो पता चलेगा की ग़ाज़ियाबाद मे नाबालिग असद और सूर्य दोस्त थे एक ही गली मे रहते थे सूर्य के असद की बहन से दोस्ती थी जो असद को पसंद न था जिसे लेकर विवाद चल रहा था जिसके बाद असद के परिवार ने…
— Ameeque Jamei (@ameeque_Jamei) May 31, 2026
जाति-धर्म का चश्मा उतारकर काम करे सरकार
योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की नीति पर तीखा हमला बोलते हुए अमीक जामेई ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में मीडिया और प्रशासन अपराधियों को जाति और धर्म के चश्मे से देखते हैं। चाहे दलित हो, मुस्लिम हो, ब्राह्मण हो या यादव, किसी भी संवेदनशील मामले को नफरत का मुद्दा बना दिया जाता है।
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उन्होंने जौनपुर में हुए दूल्हे की हत्या के मामले का उदाहरण देते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। जामेई ने कहा कि जौनपुर के आरोपी को भाजपा से संबंधों की वजह से आज भी राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जबकि यहाँ आनन-फानन में एनकाउंटर कर दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तक सरकार वोट बैंक, जाति और मजहब से ऊपर उठकर निष्पक्ष ढंग से काम नहीं करेगी, तब तक सूबे से अपराध खत्म नहीं होगा; चाहे इसके लिए आप गृह सचिव को ही क्यों न बदल दें, यूपी में प्रशासनिक अराजकता जारी रहेगी।
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