सोनम वांगचुक के अनशन को मिला स्वरा भास्कर का साथ, अभिनेत्री के समर्थन पर सोशल मीडिया पर भड़के लोग
Sonam Wangchuk Hunger Strike: जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। इस आंदोलन के तहत पर्यावरणविद् और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, जिससे उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। इस बीच, मंगलवार को बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर उनका समर्थन करने धरना स्थल पर पहुंचीं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।
कुर्सी किसी सरकार की जागीर नहीं
स्वरा भास्कर ने धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों और मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, देश के सबसे शीर्ष पद पर बैठे महान व्यक्तित्व ने पॉलिटिकल साइंस (राजनीति विज्ञान) की पढ़ाई की है। काश, उन्होंने थोड़ी इंसानियत भी पढ़ी होती, तो आज इन लोगों को अपनी मांगों के लिए इस तरह भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
स्वरा ने आगे कहा कि सरकारी कुर्सियां, बंगले और वेतन जनता के टैक्स के पैसों से चलते हैं, इसलिए सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। वफादारी किसी सत्ता विशेष से नहीं बल्कि देश के संविधान और उसके नागरिकों के प्रति होनी चाहिए।
Unapologetic & fearless @ReallySwara joins the protest at Jantar Mantar! pic.twitter.com/zl0lMT3MZj
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 14, 2026
सोशल मीडिया पर स्वरा की तारीफ और तीखी आलोचना
स्वरा भास्कर के आंदोलन में शामिल होने की जानकारी सबसे पहले सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने साझा की थी। स्वरा ने भी पोस्ट लिखकर आंदोलनकारियों का आभार जताया और सोनम वांगचुक को धन्यवाद कहते हुए लिखा, आप हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरा पूरा समर्थन आपके साथ है। हालाँकि, स्वरा का यह समर्थन सोशल मीडिया यूजर्स के एक बड़े वर्ग को रास नहीं आया और वे अभिनेत्री पर भड़क उठे।
जंतर-मंतर से स्वरा भास्कर का सरकार पर निशाना।
स्वरा भास्कर ने कहा, "सरकारी कुर्सी किसी सरकार की जागीर नहीं है आपकी तनख्वाह से लेकर सरकारी बंगले तक सब जनता के टैक्स से चलते हैं।
इसलिए वफादारी किसी सत्ता से नहीं, संविधान और देश के नागरिकों से होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि… pic.twitter.com/L1EEamYLZb
— Shama Parveen (@ShamaParveen70) July 14, 2026
सीएए-एनआरसी गैंग से तुलना: कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि पूर्व में सीएए और एनआरसी का विरोध करने वाले लोग अब सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए कर रहे हैं।
वामपंथी चेहरा करार दिया: एक अन्य यूजर ने लिखा कि जनता इन पेशेवर चेहरों को अच्छे से पहचानती है, जो सिर्फ मोदी विरोध के लिए हर जगह पहुंच जाते हैं। इनके आने से जनता पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
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आखिर क्यों भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
यह पूरा विवाद देश में आयोजित हुई NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों से जुड़ा है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रही है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से वे अनवरत भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
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