ताजमहल में भजन-कीर्तन के वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच शुरू
Taj Mahal Bhajan Kirtan Viral Video: ताजमहल में भजन-कीर्तन किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश के इस सबसे संवेदनशील ऐतिहासिक स्मारक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बकरीद से एक दिन पहले सामने आए इस वीडियो में कुछ लोग ताजमहल की मुख्य गुंबद के नीचे बैठकर भजन-कीर्तन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
वीडियो में तालियों के बीच हो रहा कीर्तन
करीब एक मिनट दो सेकंड के इस वायरल वीडियो में भगवा वस्त्र पहने कुछ लोग ताजमहल के मुख्य गुंबद के ठीक नीचे बैठकर भजन-कीर्तन कर रहे हैं। वहीं आसपास बैठे अन्य लोग तालियां बजाते और कीर्तन में शामिल होते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति भी यह कहता सुनाई दे रहा है कि ‘ताजमहल में भजन-कीर्तन हो रहा है’। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच जारी
एएसआई अधिकारी कलंदर बिंद ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को भेज दी गई है और मामले की जांच कराई जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो कब का है, वीडियो में दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और यह आयोजन किस तरह से सुरक्षा के कड़े घेरे को भेदकर अंदर तक पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है।
आगरा के ताजमहल में पर्यटकों के भजन-कीर्तन करने का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें 30-35 लोग मुख्य मकबरे के नीचे चमेली फर्श पर बैठकर कीर्तन करते दिख रहे हैं। ये वीडियो एक मिनट दो सेकेंड का है। pic.twitter.com/Ba6ylIqNEf
— Sandeep Singh Pal (@AnalyserSandeep) May 28, 2026
CISF और UP पुलिस के बीच सवालों के घेरे में सुरक्षा
ताजमहल देश के सबसे संवेदनशील और कड़ी सुरक्षा वाले स्मारकों में शुमार है। इसकी आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के पास है, जबकि बाहरी सुरक्षा व्यवस्था उत्तर प्रदेश पुलिस और ताज सुरक्षा पुलिस संभालती है। परिसर में प्रवेश से पहले पर्यटकों की एयरपोर्ट जैसी जांच (बैगेज स्कैनिंग, मेटल डिटेक्टर) की जाती है और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्मारक के भीतर इस तरह का धार्मिक आयोजन कैसे हो सका और यह वीडियो कैसे वायरल हुआ।
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ताजमहल पर पहले भी उठ चुके हैं विवाद
गौरतलब है कि ताजमहल को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं। कुछ हिंदुत्ववादी संगठन ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ बताते हुए यहां धार्मिक अनुष्ठान कराने की मांग करते रहे हैं। पूर्व में ताजमहल परिसर में भगवा झंडा फहराने और शिव चालीसा पाठ करने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। शाहजहां के उर्स के दौरान धार्मिक आयोजनों को लेकर भी विवाद होते रहे हैं। वायरल वीडियो ने इस मामले को नई गर्माहट दे दी है।
वायरल वीडियो के बाद लोगों का कहना है कि यदि यह वीडियो सच है और संरक्षित स्मारक के भीतर इस प्रकार का आयोजन हुआ है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन दोनों के लिए बेहद गंभीर विषय है। फिलहाल, एएसआई और सीआईएसएफ सहित सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं और वीडियो के स्रोत तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
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