पत्नी के अपमान पर चुप रहने वाले क्या करेंगे महिलाओं का सम्मान, प्रियंका का अखिलेश पर तीखा तंज
Lucknow News: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मौर्या ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर जोरदार सियासी हमला बोला है। मौर्या ने अखिलेश यादव द्वारा चुनाव जीतने पर महिलाओं को 40,000 रुपये देने के वादे, फर्जी व जाति-आधारित एनकाउंटर के आरोपों और एसटीएफ (STF) के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर करारा पलटवार किया है।
महिलाओं को सम्मान और अधिकार चाहिए
अखिलेश यादव के चुनावी वादे पर सवाल उठाते हुए मौर्या ने कहा, महिलाओं के सम्मान की बात आखिर कौन कर रहा है? अखिलेश यादव? जो अपनी खुद की पत्नी के सम्मान के लिए तब भी एक शब्द नहीं बोल सकते, जब कोई मौलाना आकर उनकी पत्नी के बारे में बेतुकी बातें करता है। वे उस वक्त चुपचाप अपने मुंह पर ताला लगाकर बैठे रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को 40,000 रुपये देने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।
मोदी सरकार में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मौर्या ने कहा कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में ही महिलाओं को सही मायने में सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। आज नीतियों में महिलाओं से सलाह ली जा रही है और संसद से लेकर विधानसभाओं तक में उनकी बराबर की भागीदारी पर गंभीर चर्चा हो रही है। देश में अब यह तय हो चुका है कि महिलाएं जिस पक्ष को वोट देंगी, उसी की सरकार बनेगी।
सपा नेता के कुत्ते वाले बयान पर जोरदार पलटवार
समाजवादी पार्टी के एमएलसी लालबिहारी यादव के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मौर्या ने पूछा, सपा नेता कह रहे हैं कि अगर किसी कुत्ते के गले में पट्टा बांध दिया जाए तो उसे भी जिताना होगा। क्या उनकी पार्टी के सभी लोग इसी श्रेणी में आते हैं? अगर वे किसी कुत्ते को टिकट देकर जिता भी देते हैं, तो क्या वह कुत्ता जनता का विकास करेगा या महिलाओं को 40,000 रुपये देगा? उन्होंने कहा कि जनता सब देख और समझ रही है और सही समय पर इसका करारा जवाब देगी। सत्ता के लिए बेचैन अखिलेश यादव का इस बार पूरी तरह से सूपड़ा साफ हो जाएगा।
एनकाउंटर पर सवाल उठाना गलत
जाति देखकर एनकाउंटर करने के अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए मौर्या ने अतीत की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव ने खुद कहा था कि सत्ता में आने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। इससे साफ है कि अपराधियों को संरक्षण देने का काम हमेशा समाजवादी पार्टी के लोग ही करते आए हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि जिन अपराधियों का एनकाउंटर हो रहा है, उनका आपराधिक इतिहास देखा जाए। पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से सही है और केवल अपराधियों का ही एनकाउंटर किया जा रहा है।
PDA और STF को लेकर भ्रमित हैं अखिलेश
अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर टिप्पणी करते हुए मौर्या ने कहा कि सपा अध्यक्ष पूरी तरह से कन्फ्यूज्ड हैं। वे कभी PDA का अलग मतलब निकालते हैं तो कभी STF का नया फुल फॉर्म बनाने में लग जाते हैं। पूरी पार्टी सिर्फ शब्दों का मतलब गढ़ने में व्यस्त है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सपा के लोग उसी पुराने दौर को वापस लाना चाहते हैं जब प्रदेश में गुंडागर्दी का राज था। सत्ता में लौटने के लिए वे बुरी तरह बेचैन हैं और किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
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इमामों और मौलानाओं की सोच पर साधा निशाना
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी और ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मौर्या ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जो संविधान से चलता है, न कि किसी कट्टरपंथी सोच से।
उन्होंने कहा, कई इस्लामिक देशों में महिलाओं पर आए दिन अत्याचार होते हैं। यदि किसी को हिंदुस्तान में रहना है, तो उसे भारत के संविधान और कानून का पालन करना होगा। यहां आतंकवादी सोच और ड्रामा नहीं चलेगा। उन्होंने आगे कहा कि संविधान महिलाओं और पुरुषों को बराबर का हक देता है। महिलाओं को समानता न देने और उनके खिलाफ गंदी सोच रखने वालों का रवैया पूरी तरह से अव्यवस्था फैलाने वाला है।
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