बंगाल में पर्यटन स्थलों को खाली कराने का आदेश, 48 घंटे तक बाहरी लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में पहले चरण के विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने एक अभूतपूर्व और सख्त कदम उठाते हुए पर्यटक स्थलों को खाली कराने का आदेश जारी किया है। आयोग के निर्देश के तहत पूर्वी मेदिनीपुर जिले के प्रमुख तटीय इलाकों दीघा, मंदारमणि, ताजपुर, उदयपुर और शंकरपुर—से सभी पर्यटकों और गैर-निवासियों को बाहर जाने को कहा गया है। यह आदेश मंगलवार शाम 6 बजे से लागू होकर 23 अप्रैल को मतदान समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
होटलों को सख्त निर्देश, बाहरी लोगों को ठहराने पर रोक
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि होटल संचालक यह सुनिश्चित करें कि उनके परिसरों में केवल स्थानीय निवासी ही ठहरें। किसी भी बाहरी व्यक्ति को कमरा देने पर रोक लगाई गई है। इस फैसले के चलते पूरे तटीय क्षेत्र में लगभग 48 घंटों तक पर्यटकों की गतिविधियां पूरी तरह थम जाएंगी।
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी असर
पूर्वी मेदिनीपुर का तटीय क्षेत्र सालभर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहता है और राज्य के सबसे व्यस्त पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। ऐसे में आयोग का यह आदेश केवल चुनावी व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर होटल, रिसॉर्ट और अन्य आतिथ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा। इस तरह का व्यापक प्रतिबंध पहले कभी नहीं देखा गया है।
राजनीतिक प्रचारकों की मौजूदगी पर भी रोक
आयोग ने अपने आदेश में राजनीतिक दलों के प्रचारकों को भी इस अवधि के दौरान इलाके में रुकने से स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर ‘भारतीय न्याय संहिता’ की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
लाउडस्पीकर से हो रही घोषणाएं, पुलिस ने संभाली कमान
आदेश जारी होने के बाद दीघा, दीघा मोहना और मंदारमणि तटरेखा के अंतर्गत आने वाले पुलिस थानों ने सोमवार रात से ही लाउडस्पीकर के जरिए सार्वजनिक घोषणाएं शुरू कर दी हैं। पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे मंगलवार शाम 6 बजे तक इन क्षेत्रों को खाली कर दें। साथ ही होटलों को भी निर्देशित किया गया है कि वे किसी बाहरी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति न दें।
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रामनगर विधानसभा क्षेत्र में लागू पूरा आदेश
यह सभी पर्यटक स्थल रामनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व पिछली विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तीन बार के विधायक अखिल गिरि कर चुके हैं।
सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला: निर्वाचन अधिकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। आशंका जताई गई है कि कुछ असामाजिक तत्व पर्यटकों के रूप में इलाके में प्रवेश कर सकते हैं और मतदान के दौरान अशांति फैला सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए वास्तविक पर्यटकों को भी क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया गया है। चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान इस तरह का आदेश पहली बार जारी किया गया है, जो इसे पूरी तरह अलग और महत्वपूर्ण बनाता है।
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