राम मंदिर चढ़ावा चोरी में ट्रस्टियों के रिश्तेदारों के नाम आए सामने, विहिप ने कहा- कोई भी क्लीन चिट की उम्मीद न रखे
Ram Mandir Donation Theft: भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे की रकम चोरी होने के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने इस पूरे घालमेल में 8 लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। हिरासत में लेकर की गई कड़ी पूछताछ के बाद अब मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे घोटाले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी आपस में गहरे पारिवारिक रिश्तों से जुड़े हैं, जिसमें जीजा-साला, ससुर-दामाद और चाचा-भतीजे का एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा था।
जीजा-साला और ससुर-दामाद का खेल
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। जांच में इनके जो रिश्ते सामने आए हैं, वे इस प्रकार हैं।
जीजा-साला: मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा का सगा जीजा है।
ससुर-दामाद: रमाशंकर मिश्रा, लवकुश के पिता और अनुकल्प के ससुर हैं।
ट्रस्ट कनेक्शन: सूत्रों के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा की रिश्तेदारी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से भी बताई जा रही है। अनुकल्प की ड्यूटी चढ़ावे की गिनती (कैलकुलेशन) वाले विभाग में थी और पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी कर चोरी की भारी रकम भी बरामद कर ली है।
चाचा-भतीजे की जोड़ी और चंपत राय का रसूख
चोरी की इस स्क्रिप्ट में दूसरा बड़ा सिंडिकेट चाचा-भतीजे का है। आरोपी मनीष यादव भी नोटों की गिनती की प्रक्रिया में शामिल था, जिसके घर से चोरी के पैसे बरामद हुए हैं। मनीष के चाचा रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बेहद करीबी माना जाता है। आरोप है कि टिन्नू यादव का मंदिर की हर व्यवस्था में सीधा दखल था और काउंटिंग रूम की चाबियाँ भी उसी के पास रहती थीं। टिन्नू के रसूख के दम पर ही बिना किसी कड़े वेरिफिकेशन के मनीष यादव को पैसे गिनने के काम में एंट्री मिली थी। दूसरी तरफ, रमाशंकर मिश्र पर भी अपने बेटे और दामाद को इस काम में बैकडोर से घुसाने और साजिश रचने का आरोप है।
मेरा भाई मनीष महज 20 साल का है और बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है। उसे एक बैंक के जरिए वहाँ काम पर रखा गया था और उसे जॉइन किए हुए सिर्फ एक महीना हुआ था। इस पूरे मामले में बड़ी मछलियों (ऊंचे रसूखदारों) को बचाने के लिए मेरे छोटे भाई को मोहरा बनाकर फंसाया जा रहा है। -मनीष यादव का भाई
विहिप अध्यक्ष का बयान, जांच से ऊपर कोई नहीं
इस बेहद संवेदनशील मामले पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि मंदिर की पवित्रता और जन-आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने दोटूक कहा कि इस मामले में चंपत राय, अनिल मिश्रा या गोपाल राव जैसी बड़ी हस्तियां भी जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं, हर कड़वे सच को सामने लाया जाएगा।
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इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने चढ़ावे की चोरी की रकम छुपाने, रखने और साजिश रचने के मामले में दो अलग-अलग श्रेणियों में आरोपियों पर शिकंजा कसा है।
चोरी का माल बरामदगी व रखने के आरोपी: अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, कमलेश पांडे और शशांक मिश्रा।
साजिश रचने और शह देने के आरोपी: सुभाष श्रीवास्तव और श्याम शंकर उर्फ टिन्नू यादव (जिनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है)।
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