कोविड अनुरूप व्यवहार के साथ ही वैक्सीनेशन जरूरी

0
215
Vidya Bharti

लखनऊ: कोरोना की तीसरी लहर हमारे व्यवहार पर निर्भर करती है। हमें कोविड अनुरूप व्यवहार के साथ ही साथ वैक्सीनेशन जरूर करवाना चाहिए, तभी हम कोरोना की तीसरी लहर से खुद को और समाज को सुरक्षित रख सकेंगे। उक्त बातें मुख्य वक्ता केजीएमयू के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार वर्मा ने मंगलवार को सरस्वती कुंज निरालानगर स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र में आयोजित ‘बच्चे हैं अनमोल’ कार्यक्रम के 29वें अंक में कहीं। इस कार्यक्रम में विद्या भारती के शिक्षक, बच्चे और उनके अभिभावक सहित लाखों लोग आनलाइन जुड़े थे, जिनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

मुख्य वक्ता केजीएमयू के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी ने दुनियाभर के करीब 200 देशों को प्रभावित किया और इसका वायरस अभी भी खत्म नहीं हुआ है। भारत के कई प्रदेश ऐसे हैं, जहां से लगातार केस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर प्राकृतिक थी, जबकि दूसरी लहर हमारी लापरवाही का परिणाम थी। ऐसे में तीसरी लहर भी हमारे व्यवहार पर ही निर्भर करेगी। उन्होंने वैक्सीनेशन और कोरोना गाइडलाइन का पालन करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले भी चेचक और पोलियो जैसी कई महामारियां आयीं, जिस पर वैक्सीनेशन से ही नियंत्रण पाया जा सका। ऐसे में कोरोना से बचने के लिए एक मात्र उपाय वैक्सीनेशन है। उन्होंने कहा कि बच्चों में कोरोना संक्रमण होने की संभावना कम है, क्योंकि उनमें एस-2 रिसेप्टर कम पाया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अभिभावक उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

इसे भी पढ़ें: योगी जी, यह भी हत्या ही है!

कार्यक्रम अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत के सह प्रांत संघचालक सुनीत खरे ने कहा कि कोरोना संक्रमण का प्रकृति पर असर काफी सकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के समय हवा स्वच्छ दिखी और नदियों का पानी भी निर्मल दिखाई दिया। ऐसे में हमें यह समझना चाहिए कि वायरस ने यह दिखा दिया है कि जीवन जीने के लिए प्रकृति का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन सीमित है, इसलिए दुरुपयोग न करें। उन्होंने विद्युत संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि हम विद्युत ऊर्जा का सही प्रकार से उपयोग करेंगे तो इस संसाधन का दीर्घकालिक उपभोग कर पाएंगे। उन्होंने कोरोना काल में संघ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों ने कोरोना काल में बड़े स्तर पर सेवा कार्य किए गए, जिसमें समाज का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को समाजसेवा के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज के लिए त्यागमय जीवन जीना सिखाया जाता है।

विशिष्ट वक्ता राष्ट्रीय सेवा योजना (यूपी/यूके) के रीजनल डायरेक्टर डॉ. अशोक श्रोती ने कहा कि कोरोना महामारी में एनएसएस के लाखों युवाओं ने लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। युवाओं ने पढ़ाई के साथ-साथ समाजसेवा का कार्य किया है। कोरोना की पहली लहर में एनएसएस के कार्यकर्ताओं ने भोजन, पानी एवं प्रभावित लोगों को दवा आदि उपलब्ध कराने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में एनएसएस के युवाओं ने ग्रामीणों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस बहनों ने मास्क बनाकर वितरण किए और घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करने का काम किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी इम्युनिटी बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा ने किया। इस कार्यक्रम में बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर, सह प्रचार प्रमुख भास्कर दूबे, शुभम सिंह, अतहर रजा, अभिषेक सहित डिजिटल टीम के कर्मचारी मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें: जानिए श्राद्ध की प्रमुख तिथियां

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here