इंदिरा एकादशी तिथि, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और उपाय

Indira Ekadashi Muhurat

Indira Ekadashi Muhurat: शास्त्रों में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। आपको बता दें कि वैसे तो प्रति माह 2 एकादशी तिथि आती हैं एक शुक्ल पक्ष में तो दूसरी कृष्ण पक्ष में। यहां हम बात करने जा रहे हैं इंदिरा एकादशी के बारे में, जो पितृ पक्ष में आती है। इस एकादशी को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से और पुण्य कार्य करने से पितरों को मुक्ति मिलती है। साथ ही उन्हें मोक्ष मिलता है। वहीं इंदिरा एकादशी के व्रत से पापों का क्षय होता है। साथ ही सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कब है इंदिरा एकादशी का व्रत, तिथि और शुभ मुहूर्त…

इंदिरा एकादशी तिथि

पंचांग के मुताबिक आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 47 मिनट पर प्रारंभ होगी और 7 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में इंदिरा एकादशी उदयातथि के अनुसार कल 6 अक्टूबर मंगलवार को मनाई जाएगी।

इंदिरा एकादशी का शुभ मुहूर्त और योग

इस दिन चार अत्यंत शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है।

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:17 बजे से रात 10:17 बजे तक रहेगा। इस योग में किए गए कार्य और पूजा-पाठ अत्यंत फलदायी होते हैं।

सिद्ध योग: प्रातःकाल से शुरू होकर सुबह 07:20 बजे तक रहेगा।

साध्य योग: सुबह 7:20 बजे के बाद शुरू होकर 7 अक्टूबर को सुबह 5 बजे तक रहेगा।

शुभ योग: साध्य योग के समापन के बाद शुभ योग बनेगा।

पूजा के मुख्य मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक।

ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः काल पूजा): सुबह 04:47 बजे से सुबह 5:36 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:17 बजे से दोपहर 3:04 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:13 बजे से शाम 6:38 बजे तक।

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व्रत पारण का समय

1- इंदिरा एकादशी के दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें। ऐसा करने से सभी मनोरथ पूर्ण हो सकते हैं।

2- इस दिन गौमाता, ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या दक्षिणा दें। विशेषकर तिल, गुड़, फल और अनाज का दान शुभ माना जाता है। इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

3-संध्या समय पीपल के नीचे या नदी किनारे एक घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। साथ ही सुख- समृद्धि के साथ वंशवृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

4- जीवन के दुख और संकट को दूर करने के लिए इंदिरा एकादशी के दिन महादेव की पूजा-अर्चना करें। इस दौरान सच्चे मन से शिवलिंग पर 21 बेलपत्र चढ़ाएं।

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