वैश्विक भाषा बन गई है हिंदी: प्रो. संजय द्विवेदी
भोपाल: भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि हिंदी विश्व भाषा बन चुकी है। अनेक देशों में हिंदी को देखा, सुना और पढ़ा जा रहा है। डिजिटल माध्यमों, सोशल मीडिया, सिनेमा और नई तकनीक ने इसके वैश्विक विस्तार को गति दी है।
वे केनरा बैंक, भोपाल के अंचल कार्यालय में आयोजित हिंदी दिवस समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता बैंक के अंचल प्रमुख सत्य प्रकाश सिंह ने की। इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के हिंदी दिवस संदेश का वाचन भी किया गया। संचालन राजभाषा अधिकारी खुशबू गुप्ता ने और स्वागत भाषण उप महाप्रबंधक किरीट नागर ने किया। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि भाषा संवाद का माध्यम होने के साथ संस्कृति, स्मृति और पहचान की संवाहक भी है। हिंदी ने भारत की विविधताओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसे सरकारी कामकाज तक सीमित न रखकर ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, व्यापार और रोजगार की भाषा बनाना होगा। नई पीढ़ी को हिंदी, आधुनिक तकनीक और वैश्विक ज्ञान से जोड़ना समय की आवश्यकता है। हिंदी का विकास अन्य भारतीय भाषाओं के विरोध में नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर होना चाहिए।
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राजभाषा का हो प्रभावी प्रयोग: सिंह
सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी प्रयोग बैंकिंग सेवाओं को सहज, सरल और जनसुलभ बनाने में महत्वपूर्ण है। ग्राहकों से उनकी भाषा में संवाद करने से बैंक और ग्राहकों के बीच आत्मीयता बढ़ती है। उन्होंने कर्मचारियों से हिंदी को दैनिक कार्य-व्यवहार की सहज भाषा के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
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