Earthquake Alert: दिल्ली-NCR से जम्मू-कश्मीर तक हिली धरती, 6.2 तीव्रता के भूकंप का केंद्र था अफगानिस्तान

Earthquake in Delhi NCR

Earthquake in Delhi NCR: उत्तर भारत में शनिवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जम्मू-कश्मीर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। वीकेंड की शाम आराम कर रहे लोग भूकंप के झटकों से घबराकर तुरंत अपने घरों और ऊंची इमारतों से बाहर निकल आए।

शनिवार शाम 7:04 बजे हिली धरती

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) से मिली जानकारी के मुताबिक, भूकंप शनिवार की शाम ठीक 7 बजकर 4 मिनट पर आया।

तीव्रता (Magnitude): रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई है, जो काफी तेज मानी जाती है।

केंद्र (Epicenter): इस भूकंप का मुख्य केंद्र पड़ोसी देश अफगानिस्तान में था।

गहराई (Depth): जमीन के भीतर इसकी गहराई 215 किलोमीटर दर्ज की गई है। गनीमत यह रही कि गहराई अधिक होने के कारण भारत में जान-माल के बड़े नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं आई है।

वेनेजुएला में भूकंप से हाहाकार, 920 से अधिक मौतें

एक तरफ जहां भारत में झटके महसूस किए गए, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक स्तर पर वेनेजुएला इस वक्त भूकंप की भीषण त्रासदी झेल रहा है। हाल ही में बुधवार को वेनेजुएला में आए दो विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है।

वेनेजुएला में तबाही के आंकड़े

अब तक 920 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

3,360 से ज्यादा लोगों के घायल होने की आशंका है।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

रिक्टर स्केल के अनुसार कितनी तीव्रता पर क्या होता है असर

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर मापा जाता है। इसका पैमाना कुछ इस तरह काम करता है।

4 से 4.9: घरों में रखा हल्का सामान अपनी जगह से हिलकर नीचे गिर सकता है।

5 से 5.9: भारी सामान और फर्नीचर हिल जाते हैं, दीवारों में मामूली दरारें आ सकती हैं।

6 से 6.9: इमारतों का बेस (नींव) दरक सकता है, कच्चे मकान गिर सकते हैं (जैसा आज आया)।

7 से 7.9: मजबूत इमारतें भी ताश के पत्तों की तरह ढह जाती हैं, भारी तबाही होती है।

8 से 8.9: सुनामी का खतरा पैदा होता है, सब कुछ नेस्तनाबूद हो जाता है।

9 या उससे ज्यादा: धरती पर सबसे भीषण और अकल्पनीय तबाही।

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आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप

हाल के दिनों में दुनिया भर में भूकंप की घटनाएं बढ़ी हैं। विज्ञान के मुताबिक, हमारी धरती के भीतर 7 मुख्य टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) मौजूद हैं। ये प्लेट्स अंदरूनी गर्मी के कारण लगातार बेहद धीमी गति से घूमती रहती हैं।

जब ये प्लेट्स घूमते-घूमते आपस में टकराती हैं या इनमें घर्षण (Friction) होता है, तो भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। इसी फॉल्ट लाइन के टकराने से धरती कांपती है, जिसे हम भूकंप कहते हैं। इसका सबसे बड़ा खामियाजा इंसानी आबादी को जान-माल के नुकसान के रूप में भुगतना पड़ता है।

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