Ram Mandir Donation Scam: SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद चंपत राय मीडिया के सामने खोलेंगे राज
Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर परिसर में हुए बहुचर्चित चढ़ावा चोरी कांड में सबसे बड़े सियासी और सामाजिक निशाने पर आए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मामले की गंभीरता और नैतिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए उनके साथ ट्रस्ट के एक अन्य प्रमुख सदस्य अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ दिया है।
गौरतलब है कि जब यह विवाद पहली बार सामने आया था, तब विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उपाध्यक्ष चंपत राय ने चोरी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। हालांकि, विशेष जांच दल (SIT) के गठन, एफआईआर दर्ज होने और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के बाद चौतरफा घिरे चंपत राय को पीछे हटना पड़ा। विपक्ष लगातार एफआईआर में चंपत राय का नाम शामिल न होने को लेकर भी सरकार पर हमलावर है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चंपत राय इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चुप्पी तोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे इसके लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चंपत राय अभी मर्यादित रुख अपनाए हुए हैं और इस महीने के आखिर तक आने वाली एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही वे सभी प्रामाणिक तथ्यों और दस्तावेजों के साथ मीडिया के सामने पेश होंगे और खुद पर उठ रहे हर सवाल का सिलसिलेवार जवाब देंगे।
चंपत राय बेदाग हैं: पुराना शिष्य
इस भारी विवाद और चंपत राय की विदाई के बीच एक भावुक कर देने वाला नजारा भी देखने को मिला। चंपत राय के पैतृक क्षेत्र के रहने वाले और वर्तमान में फरीदाबाद में रह रहे उनके शिष्य नरेश चौहान, अपने गुरु पर लगे आरोपों को सुनकर कैमरे के सामने ही फूट-फूट कर रो पड़े।
चंपत राय से मुलाकात करने पहुंचे नरेश ने भावुक होते हुए कहा, इस देश के किसी शंकराचार्य पर दाग लग सकता है, लेकिन चंपत राय पर नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि चंपत राय ने आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान 18 महीनों तक जेल की यातनाएं सहीं और समाज सेवा के लिए अपना पूरा परिवार तक त्याग दिया, ऐसे निष्कलंक व्यक्ति पर लगे ये सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
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टिन्नू सहित 8 जालसाज सलाखों के पीछे
इस महाघोटाले की जड़ें चंपत राय के बेहद करीबियों तक फैली हुई हैं। गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में चंपत राय का पूर्व ड्राइवर और बेहद खास माना जाने वाला रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल है, जिसकी मंदिर परिसर में धांधली की कई कहानियां अब खुलकर सामने आ रही हैं। इस मामले में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। एफआईआर के आधार पर पुलिस ने टिन्नू यादव के अलावा अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव को धर-दबोचा है और ये सभी फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे दिन काट रहे हैं।
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