BRICS Summit 2026: भारत, रूस और चीन एक साथ, नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 पर लगी मुहर

BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से एक बेहद खास और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई है, जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। एशिया और दुनिया की तीन बड़ी महाशक्तियों भारत, रूस और चीन के शीर्ष नेता एक ही फ्रेम में बेहद गर्मजोशी के साथ नजर आए।

तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र में खड़े हैं, जबकि उनके बाईं ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दाईं ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग मौजूद हैं। पीएम मोदी ने दोनों नेताओं का हाथ थाम रखा है और तीनों के चेहरों पर दिख रही मुस्कान वैश्विक राजनीति में एक नया समीकरण दर्शा रही है।

अमेरिका के लिए कूटनीतिक संदेश और एशिया का बढ़ता दबदबा

यह तस्वीर इसलिए सबसे ज्यादा चर्चा में है क्योंकि भारत और चीन को लंबे समय से क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि, हाल के दिनों में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत मिले हैं। वहीं, रूस और भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से प्रगाढ़ रहे हैं, लेकिन पश्चिमी देश और अमेरिका अक्सर भारत-रूस की इस निकटता पर सवाल उठाते रहे हैं।

ऐसे में तीनों शीर्ष नेताओं का एक मंच पर हाथ मिलाकर मुस्कुराना सीधे तौर पर वाशिंगटन तक एक मजबूत संदेश पहुंचाता है। आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी यह तिकड़ी काफी मायने रखती है जहाँ रूस दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादकों में शामिल है, वहीं भारत और चीन वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के सबसे बड़े आयातक देश हैं। पीएम मोदी का यह कथन कि 21वीं सदी एशिया की है, इस तस्वीर के जरिए और अधिक सार्थक होता दिखाई दे रहा है।

इस तस्वीर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत कूटनीतिक शैली (Personal Diplomacy) की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने ब्रिक्स की सामूहिक ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक जीडीपी (GDP) में इनका योगदान 40 प्रतिशत है।

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सम्मेलन का सबसे बड़ा हासिल नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 रहा, जिसे बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। पीएम मोदी ने स्वयं इसका आधिकारिक ऐलान करते हुए बताया कि घोषणा पत्र पर सभी सदस्य देशों ने अपनी पूर्ण सहमति जताई है। इस सम्मेलन में 11 पूर्ण सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के अलावा 10 पार्टनर देशों के प्रमुखों ने भी हिस्सा लिया।

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