BRICS Summit 2026: ईरान के राष्ट्रपति की बेटी BRICS बाजार पहुंचीं, जानें कौन हैं फर्स्ट लेडी की भूमिका निभाने वाली जहरा पेजेश्कियान

BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के लिए भारत दौरे पर आए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ उनकी बेटी ज़हरा पेजेश्कियान (Zahra Pezeshkian) भी नई दिल्ली में हैं। 12 सितंबर को ज़हरा पेजेश्कियान अपने पति हसन मजीदी के साथ राजधानी स्थित नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम एंड हस्तकला अकादमी पहुंचीं। यहां आयोजित ब्रिक्स बाजार (BRICS Bazaar) में ज़हरा के बेहद सादगी भरे अंदाज ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

दौरे के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी उनके साथ मौजूद रहीं। उन्होंने ज़हरा और उनके पति को भारतीय मंडप का विस्तृत दौरा कराया, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए हथकरघे, पर्यावरण के अनुकूल हस्तशिल्प और ग्रामीण महिला कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है।

सांस्कृतिक विविधता का केंद्र बना BRICS बाजार

BRICS शिखर सम्मेलन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत आयोजित इस बाजार में सदस्य और साझेदार देशों की पारंपरिक कला को प्रमुखता से दर्शाया गया है। यहां रंग-बिरंगे परिधान, हस्तशिल्प और मिट्टी के बर्तन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ज़हरा ने स्टॉल्स पर जाकर कारीगरों से संवाद किया और लाइव कारीगरी का अवलोकन भी किया। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उन्हें भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला कारीगरों के योगदान से अवगत कराया। गौरतलब है कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का ईरान के राष्ट्रप्रमुख के रूप में यह पहला ब्रिक्स दौरा है।

कौन हैं जहरा पेजेश्कियान? संभालती हैं फर्स्ट लेडी का प्रोटोकॉल

जहरा केवल राष्ट्रपति की बेटी होने के नाते ही सुर्खियों में नहीं रहतीं, बल्कि वे अपने पिता की राजनीतिक यात्रा की सबसे मजबूत स्तंभ मानी जाती हैं। वर्ष 1993 में एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी मां और एक भाई का निधन हो गया था। इसके बाद मसूद पेजेश्कियान ने दूसरी शादी न करते हुए अकेले ही अपने तीनों बच्चों (ज़हरा, यूसुफ और मेहदी) का पालन-पोषण किया।

BRICS Summit 2026

ईरान में राष्ट्रपति की पत्नी न होने के कारण आधिकारिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ज़हरा ही फर्स्ट लेडी (First Lady) से जुड़े प्रोटोकॉल और कर्तव्यों को निभाती नजर आती हैं। इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के कार्यक्रमों में भी उनकी उपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित किया था।

उच्च शिक्षा और पेट्रोकेमिकल्स में मजबूत पहचान

ज़हरा बेहद मेधावी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आती हैं। उन्होंने ईरान की शीर्ष शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से पेट्रोकेमिकल्स/केमिस्ट्री में मास्टर्स और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वे अरबी और अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकार हैं। पिता के राष्ट्रपति बनने से पहले वे ईरान की प्रतिष्ठित जाम पेट्रोकेमिकल कंपनी में कार्यरत थीं। 2024 के चुनाव में रणनीति बनाने से लेकर मीडिया प्रबंधन तक में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

पति हसन मजीदी भी रहे साथ

इस दौरे पर जहरा के साथ उनके पति हसन मजीदी भी मौजूद रहे। फाइनेंस में मास्टर्स डिग्री धारक हसन मजीदी ने भी ज़हरा के साथ नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम में लगे विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया और भारतीय हस्तशिल्प की बारीकियों को समझा। नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम में भारत के साथ-साथ ईरानी संस्कृति के दो विशेष स्टॉल भी लगाए गए हैं।

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बलोची कढ़ाई (दोच): नादिया करीमी द्वारा लगाए गए इस स्टॉल पर ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र की पारंपरिक सिलाई कला ‘दोच’ को प्रदर्शित किया गया है। नादिया ने कनाडा में ‘तारन’ नाम से एक इंटरनेशनल ब्रांड भी शुरू किया है।

रश्ती कढ़ाई और आईनेह-दूजी: आमनेह सेदिघी के स्टॉल पर रश्ती सिलाई और शीशे के पारंपरिक काम को modern कपड़े, जूते और सैंडल्स पर उकेर कर प्रस्तुत किया गया है।

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