धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पर एक्ट्रेस के पीछे पड़े कट्टरपंथी, बचाव में आए हिंदू संगठन
Newschuski Digital Desk: तेलुगु सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री फरिया अब्दुल्ला को हैदराबाद में पारंपरिक बोनालु उत्सव में भाग लेने के बाद सोशल मीडिया पर तीखे ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। 9 अगस्त को उन्होंने हैदराबाद के पुराने शहर में स्थित ऐतिहासिक श्री सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर में आयोजित बोनालु पूजा में शिरकत की थी। इस दौरान वे सिर पर पूजा की पारंपरिक मटकी (बोनम) धारण कर भक्तों और लोक कलाकारों के साथ शोभायात्रा में चलती नजर आई थीं। हालांकि, जैसे ही इस धार्मिक आयोजन के वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने उनकी आस्था पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘काफिर’ तक करार दे दिया।
क्या काफिर होने पर जान से मार दोगे: VHP
फरिया अब्दुल्ला के समर्थन में आते हुए विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ट्रोलर्स पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की प्राचीन परंपराओं और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को स्वीकार नहीं करते, वे भला किसी मुस्लिम अभिनेत्री के मंदिर जाने या हिंदू त्योहार मनाने को कैसे पचा पाएंगे। बंसल ने स्पष्ट किया कि नया भारत बदल रहा है और इस तरह की संकीर्ण सोच अब लंबे समय तक नहीं चलने वाली। उन्होंने महिलाओं के सम्मान की वकालत करते हुए सवाल उठाया, यदि वे काफिर हो भी गईं तो क्या आप उनकी जान ले लेंगे? आखिर काफिर ठहराने की सजा क्या दी जाएगी?
బోనాల ఉత్సవాల్లో నటి ఫరియా అబ్దుల్లా పాల్గొనడంపై
ఒక వర్గం సోషల్ మీడియా దాడి.సంస్కృతిని గౌరవిస్తూ ఉత్సవాల్లో పాల్గొంటే దానికి మతం రంగు పులిమి, విద్వేషాలను వ్యాప్తి చేయడంపై ఆమె తీవ్ర ఆవేదనకు గురయ్యారు. pic.twitter.com/V6mCxNVYiZ
— Article19 (@Article19_4) August 16, 2026
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने दिया संविधान का हवाला
इस विवाद के बीच विश्व हिंदू रक्षा परिषद की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष यमुना पाठक ने भी फरिया को निशाना बनाए जाने की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने इसे धार्मिक पूर्वाग्रह से ग्रसित दुर्भावनापूर्ण आचरण करार दिया। पाठक ने स्पष्ट किया कि किसी भी महिला को दूसरे समुदाय के उत्सव में सहभागिता करने पर प्रताड़ित करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत किसी धार्मिक कट्टरता से नहीं बल्कि अपने पवित्र संविधान से संचालित होता है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 25 हर नागरिक को समानता, निजी गरिमा, अभिव्यक्ति और अपनी अंतरात्मा के अनुसार किसी भी धर्म या आस्था को मानने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करते हैं।
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मैं नफरत का जवाब प्यार से दूंगी: फरिया अब्दुल्ला
चारों तरफ से हो रही ट्रोलिंग के बीच अभिनेत्री फरिया अब्दुल्ला ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उनके पिता संजय अब्दुल्ला मूल रूप से एक हिंदू परिवार में जन्मे थे, जिन्होंने बाद में स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था। उन्हें बचपन से ही धर्मों के सार और नैतिक मूल्यों की सीख मिली है। फरिया ने कहा कि वे प्रकृति, वृक्षों और तितलियों में ईश्वर की सत्ता महसूस करती हैं। यदि कोई इंसान हर जीव में सुंदरता नहीं देख पाता, तो वह जीवन के वास्तविक मर्म से वंचित है। ट्रोलर्स के लिए भी प्रार्थना करते हुए उन्होंने कहा कि वे नफरत का जवाब नफरत से नहीं बल्कि प्रेम और सौहार्द से देंगी, यही उनका असली विरोध और क्रांति है।
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