राज्यसभा में 12 वर्षों में 8 गुना बढ़े अरबपति, हर 7वां सांसद 100 करोड़ क्लब में शामिल

100 Crore Club

Newschuski Digital Desk: संसद के उच्च सदन कहे जाने वाले राज्यसभा में आर्थिक रूप से समृद्ध प्रतिनिधियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के विश्लेषणात्मक आंकड़ों के मुताबिक, बीते 12 वर्षों के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित करने वाले सांसदों का आंकड़ा लगभग 8 गुना बढ़ चुका है। जहां वर्ष 2014 में ऐसे केवल 4 सदस्य थे, वहीं 2018 में यह संख्या 6 हुई और अब 2026 तक पहुंचते-पहुंचते यह संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

औसत संपत्ति दोगुनी से अधिक बढ़कर 115 करोड़ पार

ADR और नेशनल इलेक्शन वॉच द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में राज्यसभा के कुल 233 में से 226 वर्तमान सदस्यों के चुनावी हलफनामों का अध्ययन किया गया (4 खाली सीटों और 3 गैर-उपलब्ध हलफनामों को छोड़कर)। इस अध्ययन के अनुसार, 14 फीसदी यानी करीब हर सातवां सांसद 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति रखता है। खास बात यह है कि सभी 226 सांसदों की औसत संपत्ति लगभग ₹115.25 करोड़ दर्ज की गई है, जो 2018 के औसतन ₹55.62 करोड़ की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है।

निर्दलीयों और क्षेत्रीय दलों में अधिक संपन्नता

दलगत आधार पर देखें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 107 में से 7 सांसद (7%) और कांग्रेस के 29 में से 6 सांसद (21%) इस 100 करोड़ की श्रेणी में आते हैं। वहीं YSRCP, TDP और NCP के आधे-आधे (50-50%) सांसद और BRS के 67% सांसद इस अमीर क्लब का हिस्सा हैं। इसके अलावा सदन के सभी 4 निर्दलीय सांसदों के पास भी 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की परिसंपत्तियां हैं।

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शीर्ष 5 अमीर सांसद में तेलंगाना के डॉ. रेड्डी सबसे आगे

देश के सबसे अमीर राज्यसभा सांसद की बात करें तो तेलंगाना से BRS सांसद डॉ. बंदी पार्थ सारथी रेड्डी शीर्ष पर हैं, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 5,300 करोड़ रुपये है। इसके बाद पंजाब से भाजपा सांसद राजिंदर गुप्ता (5,053 करोड़ रुपये) और कांग्रेस के डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी (2,558 करोड़ रुपये) का स्थान है। सपा की जया बच्चन (₹1,578 करोड़) चौथे और निर्दलीय सांसद नथवाणी परिमल (755 करोड़ रुपये) पांचवें स्थान पर हैं।

तेलगु राज्यों का दबदबा बढ़ा

भौगोलिक दृष्टि से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सांसदों का दबदबा सबसे अधिक है। इन दोनों राज्यों के कुल 18 सांसदों के पास मिलकर 10,259 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो पूरे राज्यसभा सदस्यों की कुल घोषित संपत्ति (लगभग 26,047 करोड़ रुपये) का करीब 39% हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा केवल पैसे के प्रभाव को ही नहीं दर्शाता, बल्कि यह विभिन्न व्यावसायिक और पारिवारिक पृष्ठभूमियों से आने वाले उच्च-संपत्ति व्यक्तियों के बढ़ते प्रतिनिधित्व को भी रेखांकित करता है।

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