जब दुल्हनों ने बुनी अपनी शादी की कहानी, हाथ से बनी साड़ियों में दिखा भारतीय कारीगरों का जलवा
National Handloom Day 2026: 7 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस भारत की बुनाई परंपरा और उन कारीगरों को सम्मान देने का दिन है, जिन्होंने पीढ़ियों से इस कला को जीवित रखा है। 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद में मनाए जाने वाले इस दिन का उद्देश्य हथकरघा उद्योग के सांस्कृतिक, आर्थिक और कलात्मक महत्व को पहचान देना और स्वदेशी कपड़ों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय अभिनेत्रियों ने अपनी शादी के लिए हाथ से बुनी हुई साड़ियों को चुना, जो न सिर्फ खूबसूरत थीं, बल्कि भारतीय कारीगरों की मेहनत को भी सलाम करती थीं।
सामंथा रुथ प्रभु: एक मास्टर कारीगर ने बुनी दुल्हन की खास साड़ी
दिसंबर 2025 में फिल्ममेकर राज निदिमोरु से शादी के दौरान सामंथा रुथ प्रभु ने विशेष रूप से तैयार की गई हाथ से बुनी हुई गहरे लाल रंग की बनारसी साड़ी पहनी, जिसने सभी का ध्यान खींचा। शुद्ध कतान साटन सिल्क से बनी इस साड़ी को एक ही मास्टर कारीगर ने तैयार किया था। इसमें बारीक ज़री बुट्टियां, खूबसूरत कटवर्क वाली निशी बॉर्डर और हल्की बेज-गोल्ड ज़रदोज़ी कढ़ाई की गई थी। उनके ब्लाउज़ पर जामदानी शैली से प्रेरित ‘ट्री ऑफ लाइफ’ का डिज़ाइन बनाया गया, जो सुरक्षा और नई शुरुआत का प्रतीक है।
कृतिका कामरा: चंदेरी साड़ी में विरासत को दिया सम्मान
कृतिका कामरा का ब्राइडल लुक चंदेरी और इस कला को जीवित रखने वाले कारीगरों को समर्पित था। उन्होंने अपने परिवार के टेक्सटाइल ब्रांड सिनाबार (Cinnabar) की खास हाथ से बुनी हुई चंदेरी साड़ी पहनी, जिसे मध्य प्रदेश के कारीगरों ने असली ज़री से तैयार किया था। यह साड़ी स्लो फैशन, असली शिल्पकला और पीढ़ियों की मेहनत का प्रतीक बनी।
शोभिता धुलिपाला: कांजीवरम सिल्क में ढकी दक्षिण भारतीय परंपरा
शोभिता धुलिपाला ने अपनी शादी में दक्षिण भारत की प्रसिद्ध बुनाई परंपरा को अपनाते हुए खूबसूरत हाथ से बुनी हुई कांजीवरम सिल्क साड़ियां पहनीं। सुनहरे ज़री बॉर्डर, मंदिरों से प्रेरित डिज़ाइन और शानदार सिल्क ने सदियों पुरानी कांजीवरम बुनाई की कला को खूबसूरती से पेश किया। उनकी हर साड़ी ने तेलुगु परंपराओं के साथ-साथ भारतीय बुनकरों की कारीगरी को भी सम्मान दिया।
आलिया भट्ट: आइवरी ऑर्गेंजा में मॉडर्न हैंडलूम लुक
आलिया भट्ट ने अपनी शादी में हल्के आइवरी रंग की ऑर्गेंजा साड़ी पहनकर मॉडर्न ब्राइडल लुक दिया। इस साड़ी पर बारीक तिल्ला कढ़ाई, फूलों के डिज़ाइन और खूबसूरत स्कैलप बॉर्डर था, जिसने भारतीय कारीगरों की बेहतरीन कला को सामने रखा। हल्की लेकिन शाही इस साड़ी ने साबित किया कि बारीक हाथ की कारीगरी बिना ज़्यादा सजावट के भी अलग पहचान बना सकती है।
यामी गौतम: मां की विरासत से बना सबसे अनमोल वेडिंग लुक
यामी गौतम की शादी सादगी, भावनाओं और टिकाऊ फैशन का खूबसूरत उदाहरण बनी। उन्होंने अपनी मां की पारंपरिक लाल सिल्क साड़ी पहनकर उसे अपनी ब्राइडल ड्रेस बनाया। हाथ से बुनी इस सिल्क साड़ी पर पारंपरिक डिज़ाइन और खूबसूरत बॉर्डर था, जो पीढ़ियों से चली आ रही भारतीय टेक्सटाइल विरासत की कहानी कहता है।
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अदिति राव हैदरी: सादगी और शालीनता में पारंपरिक सिल्क
अदिति राव हैदरी ने अपनी निजी शादी में पारंपरिक हाथ से बुनी हुई सिल्क साड़ी पहनी, जो उनकी सादगी और शालीनता को बखूबी दर्शाती थी। विरासत वाले गहनों के साथ उनका लुक भारतीय शिल्पकला का खूबसूरत उदाहरण बना, जो यह साबित करता है कि हाथ से बुना रेशम कभी पुराना नहीं होता।
रश्मिका मंदाना: हैंडलूम की सबसे मजबूत पैरोकार
हालांकि रश्मिका मंदाना की शादी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन वह लंबे समय से भारतीय हैंडलूम और पारंपरिक साड़ियों को बढ़ावा दे रही हैं। त्योहारों, फिल्म प्रमोशन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वह अक्सर मंदिर शैली की बॉर्डर, ज़री की बुनाई और पारंपरिक शिल्पकला वाली सिल्क साड़ियों में नजर आती हैं। वह आज की पीढ़ी की सबसे मजबूत हैंडलूम समर्थक हैं और युवाओं को पारंपरिक भारतीय बुनाई अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
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