Shardiya Navratri 2026: हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, घोड़े पर होगी विदाई
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से हो रही है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ पवित्र स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं में नवरात्रि के दौरान माता रानी के आगमन और प्रस्थान के वाहनों का एक विशेष महत्व माना जाता है, जिसका सीधा प्रभाव देश-दुनिया की स्थितियों और जनमानस पर पड़ता है।
हाथी पर आगमन, सुख-समृद्धि के संकेत
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य मदनमोहन ने बताया कि इस बार शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा हाथी (गज) पर सवार होकर धरती पर पधारेंगी। सनातन परंपरा में हाथी को सुख, समृद्धि, धन-धान्य और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। देवी का हाथी पर आगमन भक्तों और समाज के लिए अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। इससे घरों में सुख-शांति का वास होगा और समृद्धि का वातावरण बनेगा।
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घोड़े पर विदाई, जानिए इसका धार्मिक दृष्टिकोण
आचार्य मदनमोहन के अनुसार, नौ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद मां दुर्गा का प्रस्थान घोड़े पर होगा। धार्मिक मान्यताओं में देवी के घोड़े पर प्रस्थान को उथल-पुथल, अशांति या युद्ध की स्थिति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। आचार्य ने स्पष्ट किया कि यह केवल धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित सांकेतिक व्याख्या है, इसे किसी निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखना चाहिए। भक्तों को नवरात्रि में यही प्रार्थना करनी चाहिए कि जगदंबा पूरे विश्व की रक्षा करें और सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
कलश स्थापना के साथ शुरू होगी शक्ति पूजा
11 अक्टूबर को नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ इस पावन पर्व का आगाज होगा। भक्त पूरे नौ दिनों तक उपवास (व्रत) रखकर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों (शैल्पुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री) की पूजा करेंगे और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
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