कंगना रनौत का हमला, NEET आंदोलन में कैसे छात्र थे जो PM और दिवंगत मां के लिए दीं गालियां

NEET Paper Leak Protest

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चला छात्र आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया, लेकिन प्रदर्शन के दौरान की गई कुछ टिप्पणियों का सियासी शोर अब संसद के मॉनसून सत्र में भी गूंज रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर तीखा हमला बोला है।

कंगना ने उठाए गंभीर सवाल, कैसे छात्र हैं ये

संसद में बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा, हमारे 75 साल के प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया और उनकी दिवंगत मां के लिए बेहद भद्दी गालियां दी गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये किस तरह के छात्र हैं जो अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कंगना ने आगे कहा, हमने भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन ये किस तरह से छात्र लगते हैं? उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर भविष्य में इन प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट के वकीलों या कानूनी सलाह की जरूरत पड़ी, तो क्या उनके माता-पिता इसका खर्च उठा पाएंगे।

हमने 16 साल से खुद का करियर बनाया

अभिनेत्री से सांसद बनी कंगना ने खुद की मिसाल देते हुए कहा, हमने सोलह साल की उम्र से ही अपना करियर बनाना शुरू कर दिया था। हम कभी भी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बने। एक समाज के तौर पर, यह हमारे लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर आंदोलन के दौरान वायरल हो रहे वीडियो को ‘घिनौना’ बताते हुए इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि उन्होंने कभी इतनी बदसूरती एक जगह नहीं देखी। उन्होंने विरोध प्रदर्शन को ‘गंदगी और कचरा’ करार देते हुए पूछा कि इन्हें कौन पाल रहा है।

सरकारी बिल को भी किया समर्थन

संसद में पेश किए गए पेपर लीक संशोधन बिल, 2026 (Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026) पर कंगना ने कहा, हमारे प्रधानमंत्री ने देश और लोगों के हित में छोटे से लेकर बड़े हर मुद्दे को हल करने के अपने संकल्प से दुनिया के सामने एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान शिक्षा बजट बहुत कम था और विपक्ष की आलोचना उनकी निराशा को दर्शाती है। गौरतलब है कि यह बिल जंतर-मंतर पर चले 36 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद पेश किया गया है, जिसमें पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान है।

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विपक्ष का पलटवार, कंगना पर भी निशाना

कंगना के बयान के बाद विपक्षी दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता भाई जगतप ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान महिला छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ और कंगना को महिला होते हुए कोई अफसोस नहीं है। AIMIM नेता वारिस पठान ने उनकी भाषा को निंदनीय बताते हुए जेन-जेड से माफी मांगने की मांग की। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, कहा कि जब NEET पेपर लीक की घटना सामने आई और छात्रों ने सुसाइड किए, तब कंगना चुप थीं।

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