सपा विधायक कमाल अख्तर ने मुख्य सचेतक के पद से दिया इस्तीफा, अखिलेश यादव को ठहराया जिम्मेदार
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की सियासत और समाजवादी पार्टी के भीतर एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से वरिष्ठ सपा विधायक कमाल अख्तर ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मुख्य सचेतक के पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। अपने इस कदम पर कमाल अख्तर ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर यह इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने कहा, अखिलेश यादव हमारे सर्वमान्य नेता हैं और उनके हर आदेश का पालन करना मेरा पहला कर्तव्य है।
कमाल अख्तर के इस अप्रत्याशित इस्तीफे को मुरादाबाद सपा इकाई में लंबे समय से चल रही अंदरूनी गुटबाजी और खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि पिछले कुछ समय से मुरादाबाद लोकसभा सीट की सपा सांसद रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच तनातनी चल रही थी। इस विवाद को सुलझाने के लिए हाल ही में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में दोनों नेताओं के साथ एक अहम बैठक भी की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने अखिलेश यादव के सामने एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर शिकायतें रखी थीं, जिसके बाद अखिलेश यादव को बीच-बचाव करना पड़ा था। उस वक्त माना जा रहा था कि डैमेज कंट्रोल कर लिया गया है, लेकिन आज हुए इस इस्तीफे ने सबको चौंका दिया है।
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आपको बता दें कि इस पद पर कमाल अख्तर की नियुक्ति भी एक सियासी उलटफेर के बाद हुई थी। साल 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा के तत्कालीन मुख्य सचेतक और विधायक मनोज कुमार पांडेय ने पार्टी से बगावत कर दी थी और भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। मनोज पांडेय के पाला बदलने और इस्तीफा देने के बाद यह पद खाली हुआ था, जिसके बाद 28 जुलाई 2024 को अखिलेश यादव ने कमाल अख्तर को मुख्य सचेतक की कमान सौंपी थी। अब कमाल अख्तर के हटने के बाद सपा विधानमंडल में यह महत्वपूर्ण पद एक बार फिर खाली हो गया है।
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