PoK में पाकिस्तानी सेना की अंधाधुंध फायरिंग में 35 प्रदर्शनकारियों की मौत
Pakistan Army fires on protesters: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से बेहद दर्दनाक और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां हक की आवाज उठा रही आम जनता पर पाकिस्तानी सेना और सुरक्षाबलों ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए कत्लेआम मचा दिया है। रावलकोट में एक प्रदर्शनकारी के अंतिम संस्कार (जनाजे) में शामिल होने जुटे बेकसूर लोगों पर सेना ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
इस खूनी तांडव में अब तक 35 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक (कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 200) लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस सामूहिक नरसंहार के बाद से पूरे PoK में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं और सेना के खिलाफ आक्रोश चरम पर है।
शोक मना रहे लोगों पर चलाईं अंधाधुंध गोलियां
PoK में प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाले संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के सीनियर नेताओं ने पाकिस्तानी हुकूमत पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। दरअसल, पाकिस्तान सरकार द्वारा JAAC को बैन किए जाने के खिलाफ PoK में पिछले कई दिनों से उग्र प्रदर्शन चल रहे हैं। इसी दौरान रावलकोट में पुलिस की गोलीबारी से शाहजैब हबीब नाम के एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी। जब बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर और शाहजैब के जनाजे में शोक मनाने के लिए इकट्ठा हुए, तभी सुरक्षाबलों ने चारों तरफ से घेरकर निहत्थी भीड़ पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। नेताओं का दावा है कि सुरक्षा एजेंसियों को ऊपर से आदेश हैं कि कमेटी के सदस्यों को देखते ही गोली मार दी जाए।
बर्बरता पर भड़का भारत, विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को घेरा
PoK में जारी इस खूनी खेल और मानवाधिकारों के खुले उल्लंघन पर भारत सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, हम पाकिस्तान की ओर से फर्जी खबरों और प्रोपेगैंडा वीडियो का एक सिलसिला लगातार देख रहे हैं। यह अपनी विफलताओं को छिपाने और अपने क्षेत्र में हो रहे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से दुनिया का ध्यान भटकाने का पाकिस्तान का एक हताशा-पूर्ण प्रयास है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भीषण पुलिस बर्बरता की खबरें हैं, जिसमें कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके इस कुकृत्य और अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
आखिर क्यों JAAC के खून की प्यासी हुई पाक सेना
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) PoK की आम जनता के अधिकारों, कमरतोड़ महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रही है। ताजा विवाद तब बढ़ा जब JAAC ने PoK की तथाकथित विधानसभा में शरणार्थियों के लिए रिजर्व की गई 12 सीटों का विरोध किया।
कमेटी की मांग है कि इन आरक्षित सीटों को तुरंत खत्म किया जाए, क्योंकि कश्मीर से आए लोगों के नाम पर रिजर्व की गई इन सीटों पर पाकिस्तान के मुख्य राजनीतिक दलों (इस्लामाबाद के आकाओं) ने कब्जा कर रखा है। जब PoK की जनता ने इस सियासी खेल को समझा, तो बौखलाई पाकिस्तानी हुकूमत ने संगठन को ही बैन कर दिया और अब उनके खून पर उतारू है।
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ब्रिटेन के 30 सांसदों ने खोला मोर्चा
पाकिस्तानी सेना की इस बर्बरता की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई देने लगी है। इंग्लैंड के ब्रेडफोर्ड में स्थित पाकिस्तानी दूतावास (Consulate) के बाहर PoK के प्रवासियों ने भारी संख्या में जुटकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, ब्रिटेन के 30 सांसदों ने PoK के लोगों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन ब्रिटिश सांसदों ने अपनी सरकार को बकायदा एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने PoK में हो रही हिंसा को अत्यंत बर्बर और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। ब्रिटिश सरकार से इस पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप (Intervene) करने की मांग की। पाकिस्तानी हुकूमत लाख कोशिशों के बाद भी अब PoK के लोगों की चीख और उनके दमन की कहानी को दुनिया से छिपाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
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