Cockroach Janata Party का ऋचा चड्ढा ने बढ़ाया हौसला, मैसेज कर दिया संदेश
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े छात्र और युवा आंदोलन की गवाह बनने जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आज शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक विशाल और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का शंखनाद किया है।
संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके की अगुवाई में आयोजित इस आंदोलन का मुख्य एजेंडा देश की शिक्षा प्रणाली में कथित धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना है। आयोजकों ने बताया कि दिल्ली पुलिस से इसकी आधिकारिक अनुमति ले ली गई है और प्रदर्शन में शामिल होने वाले युवाओं से अपने साथ सिर्फ एक किताब और राष्ट्रध्वज तिरंगा लाने की अपील की गई है।

सात समंदर पार से ऋचा चड्ढा ने बढ़ाया हौसला
CJP के इस छात्र आंदोलन को अब मनोरंजन जगत (एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री) से भी भारी जनसमर्थन मिल रहा है। वरिष्ठ अभिनेता अतुल कुलकर्णी, प्रकाश राज और अभिनेत्री कुनिका सदानंद पहले ही इस मुहिम के पक्ष में अपनी आवाज उठा चुके हैं। अब इस फेहरिस्त में बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री ऋचा चड्ढा का नाम भी जुड़ गया है। हालांकि ऋचा इस समय भारत में नहीं हैं, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर युवाओं के अधिकार की लड़ाई को अपना पूरा समर्थन दिया है। उनका यह डिजिटल संदेश इंटरनेट पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।
न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर से अपनी भावनाएं साझा करते हुए ऋचा चड्ढा ने लिखा कि भले ही वह शारीरिक रूप से दूर हैं, लेकिन उनका दिल अपनी पुरानी यादों के शहर दिल्ली में ही धड़क रहा है। उन्होंने आंदोलनकारी युवाओं को बेहद समझदारी, शांति और एक ठोस रणनीति के साथ अपनी आवाज बुलंद करने की सलाह दी।
अपनी पोस्ट में उन्होंने एक दिलचस्प और व्यंग्यात्मक तुलना करते हुए लिखा, इतिहास गवाह है कि बड़े-बड़े डायनासोर इस धरती से विलुप्त हो गए, लेकिन विपरीत परिस्थितियों को झेलने वाले कॉकरोच आज भी जीवित हैं। इसके साथ ही उन्होंने कल्ट फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ का एक पुराना कॉकरोच वाला वीडियो क्लिप भी शेयर किया, जिसे लोग संघर्ष और दृढ़ता के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।
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इस आंदोलन के साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी नाम को लेकर भी सार्वजनिक बहस तेज हो गई है। दरअसल, यह संगठन देश के युवाओं के बुनियादी मुद्दों को उठाने वाले एक नए और आक्रामक मंच के रूप में उभरा है। संस्थापक अभिजीत दीपके का मानना है कि कॉकरोच शब्द युवाओं की जुझारू और कभी न हार मानने वाली प्रवृत्ति को दर्शाता है।
वहीं दूसरी ओर, अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने अपनी पीढ़ी की गलतियों के लिए युवाओं से माफी मांगते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को पुरानी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बहरहाल, 6 जून, 2026 का यह प्रदर्शन अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।
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