RBI ने बढ़ाई आम आदमी की टेंशन, महंगाई का अनुमान 5.1% किया
मुंबई: देश में आने वाले दिनों में आम जनता की जेब पर भारी बोझ पड़ने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति (मॉनेटिरी पॉलिसी) समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ा दिया है। सेंट्रल बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि अब वित्त वर्ष 2027 (FY 2027) में महंगाई दर 5.1 फीसदी रह सकती है, जबकि पहले इसके 4.6% रहने का पूर्वानुमान था। यह RBI के निर्धारित लक्ष्य 2-4% से काफी अधिक है। गवर्नर ने इस बढ़ोतरी के पीछे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे युद्ध और अल नीनो जैसे मौसमी प्रभावों को प्रमुख कारण बताया।
तेल-गैस की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
RBI गवर्नर के मुताबिक, जारी युद्धों की वजह से वैश्विक आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत में भी दिख रहा है। पिछले दो महीनों में भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की औसत कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल रही है, जो काफी चिंताजनक स्तर है। अब मई महीने से देश में पेट्रोल-डीजल के रिटेल दामों पर इसका असर दिखना शुरू हो चुका है। वहीं, भारत मौसम विभाग (IMD) ने भी साल के अंत में एक तेज अल नीनो बनने की आशंका जताई है, जो पिछले तीन दशकों के सबसे शक्तिशाली मौसमी पैटर्न में से एक हो सकता है।
कब कितनी बढ़ेगी महंगाई
RBI ने तिमाही-दर-तिमाही महंगाई बढ़ने का अनुमान पेश किया है। जून 2026 तिमाही में यह 4.2%, सितंबर 2026 में 5.1%, दिसंबर 2026 में 5.9% और मार्च 2027 में 5.4% रहने का अंदेशा है। ये सभी आंकड़े फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच दर्ज महंगाई दर (क्रमशः 3.2%, 3.4% और 3.5%) से कहीं अधिक हैं। गवर्नर ने साफ किया कि जहां अब तक तमाम कोशिशों के बावजूद महंगाई को चार फीसदी से नीचे रखने में सफलता मिली थी, वहीं अब वैश्विक चुनौतियां इसे बढ़ा सकती हैं।
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कम बारिश से होगा उत्पादन और ग्रामीण डिमांड दोनों प्रभावित
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साउथ-वेस्ट मॉनसून के दौरान कम बारिश होने के पूर्वानुमान पर चिंता जताई। इसका खामियाजा कृषि पैदावार और ग्रामीण भारत में डिमांड पर पड़ना तय है। उन्होंने कहा कि अल नीनो का मजबूत मौसम पैटर्न फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही चरमरा रही है और आपूर्ति शृंखलाओं में लंबे समय तक व्यवधान तथा बढ़ती ऊर्जा कीमतें विकास दर और महंगाई दर दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं।
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