भीषण गर्मी में बढ़ गया हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा, जानिए बढ़ता तापमान कैसे बनता है दिल का दुश्मन

Heart Attack Risk in Summer

Heart Attack Risk in Summer: उत्तर भारत में सूरज के तल्ख तेवरों के चलते गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह झुलसाने वाली गर्मी सिर्फ त्वचा या पेट को ही नहीं, बल्कि हमारे दिल को भी सीधे तौर पर बीमार कर रही है। बढ़ते तापमान और लू (हीटवेव) के कारण इन दिनों हार्ट अटैक (दिल का दौरा) और हार्ट स्ट्रोक का जोखिम तेजी से बढ़ा है। देश के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट (हार्ट स्पेशलिस्ट) डॉक्टर मनोज कुमार से जानते हैं कि आखिर भीषण गर्मी हमारे दिल की सेहत के लिए किस तरह खतरनाक साबित होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम पर बढ़ता है दबाव

डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो हमारा ‘कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम’ (हृदय प्रणाली) सीधे तौर पर प्रभावित होता है। दरअसल, अत्यधिक गर्मी होने पर शरीर खुद को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में दिल को सामान्य से कहीं ज्यादा काम करना पड़ता है, जिससे उस पर अत्यधिक दबाव (प्रेशर) बढ़ जाता है और यही स्थिति हार्ट फेलियर या अटैक की वजह बनती है।

गाढ़ा और चिपचिपा हो जाता है खून

तापमान ज्यादा होने पर शरीर से पानी तेजी से कम होता है, जिससे रक्त वाहिकाओं (नसों) में बहने वाला खून गाढ़ा और चिपचिपा होने लगता है। खून के इस गाढ़ेपन के कारण नसों में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) धीमा हो जाता है। अब इस गाढ़े और धीमे बहने वाले खून को शरीर के अंगों तक पंप करने के लिए दिल को बहुत ज्यादा मशक्कत (मेहनत) करनी पड़ती है। यह अतिरिक्त दबाव अचानक स्ट्रोक या गंभीर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

पसीने के रास्ते निकल जाते हैं जरूरी मिनरल्स

तेज धूप और गर्मी की वजह से शरीर से भारी मात्रा में पसीना निकलता है। पसीने के जरिए शरीर से सोडियम और पोटैशियम जैसे बेहद जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (मिनरल्स) बाहर बह जाते हैं। शरीर में इन दोनों तत्वों की कमी होने से दिल की धड़कन (हार्ट बीट) का संतुलन बिगड़ सकता है, जो कार्डियक अरेस्ट के खतरे को बढ़ा देता है।

गर्मी में दिल को सुरक्षित रखने के अचूक उपाय

खुद को रखें पूरी तरह हाइड्रेटेड: दिल को स्वस्थ रखने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।

डाइट में शामिल करें रसीले फल: अपनी रोजाना की खुराक में ताजी सब्जियां और पानी से भरपूर मौसमी फल जैसे—तरबूज, खरबूजा और खीरा जरूर शामिल करें।

दोपहर में बाहर निकलने से बचें: गर्मियों के दिनों में दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तीखी होती है, बाहर जाने से परहेज करें। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो पूरे शरीर और सिर को सूती कपड़े से अच्छे से ढककर ही निकलें।

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हार्ट पेशेंट्स के लिए विशेष चेतावनी

डॉक्टर ने विशेष रूप से सलाह दी है कि जो लोग पहले से ही दिल की किसी बीमारी से पीड़ित हैं, वे सामान्य लोगों की तरह अत्यधिक पानी का सेवन न करें। ज्यादा पानी पीने से उनके दिल और फेफड़ों पर लोड बढ़ सकता है। इसलिए, दिल के मरीज सबसे पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें और उनके द्वारा निर्धारित की गई मात्रा (जितने लीटर पानी की सलाह दी गई हो) के अनुसार ही पानी या तरल पदार्थों का सेवन करें।

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