राम मंदिर ट्रस्ट की भंग होंगी पुरानी कमेटियां, नए CEO के लिए 18 जुलाई तक मांगे आवेदन

Ram Mandir Donation Theft

Ram Mandir CEO Recruitment: अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने पूरे प्रशासनिक ढांचे को बदलने और मजबूत करने की बड़ी तैयारी में है। मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ट्रस्ट की मौजूदा समितियों के पुनर्गठन (कमेटियों को नए सिरे से बनाने) का एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस अहम प्रस्ताव पर आगामी 22 जुलाई को मणिराम दास छावनी में होने वाली ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक में मुहर लग सकती है। माना जा रहा है कि इस बैठक में पुरानी कमेटियों को भंग कर कुछ नए और योग्य चेहरों को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।

शुरू हुई मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भर्ती

प्रशासनिक सुधारों की इसी कड़ी में राम मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की आधिकारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट का लक्ष्य है कि अगले एक महीने के भीतर इस पद पर योग्य व्यक्ति की तैनाती कर दी जाए। इस हाई-प्रोफाइल पद के लिए शनिवार से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई तक अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं। चयनित होने वाले CEO का कार्यकाल 3 वर्षों का होगा। साथ ही, चयन प्रक्रिया को सुचारु रूप से चलाने और कॉर्डिनेशन के लिए एक विशेष सचिव की नियुक्ति भी की जाएगी।

चयन के लिए कड़े नियम

दिल्ली में हुई चयन समिति की बैठक में राम मंदिर के CEO पद के लिए कुछ बेहद कड़े मानदंड और पात्रता (Eligibility Criteria) निर्धारित की गई है।

शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएट (स्नातक) होना अनिवार्य है।

अनुभव: प्रशासन (Administration) या फाइनेंस (वित्तीय क्षेत्र) में कम से कम 20 साल कार्य करने का लंबा अनुभव होना चाहिए।

धार्मिक निष्ठा: उम्मीदवार का अनिवार्य रूप से हिंदू धर्म का अनुयायी होना आवश्यक है।

इसे भी पढ़ें: राजनाथ सिंह एमीनेन्ट डाक्टर पर्सनाल्टी अवार्ड से प्रो. डॉ. मनोज कुमार को करेंगे सम्मानित

3 दिग्गजों की कमेटी करेगी अंतिम फैसला

नए प्रशासनिक मुखिया (CEO) के चयन को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के लिए 3 सदस्यीय एक विशेष चयन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में देश के तीन प्रतिष्ठित चेहरे सुरेश हावरे (प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक), प्रमोद कोहली (सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति) और विष्णुकांत चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त मेजर जनरल) शामिल हैं।

यही त्रिसदस्यीय कमेटी 18 जुलाई तक आने वाले सभी आवेदनों की बारीकी से समीक्षा करेगी, योग्य शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों का इंटरव्यू (साक्षात्कार) लेगी और अंत में फाइनल नाम की सिफारिश श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। अंतिम नियुक्ति का विशेषाधिकार ट्रस्ट के पास ही सुरक्षित रहेगा। ऐसे में अब सभी की निगाहें 22 जुलाई को होने वाली महाबैठक पर टिकी हैं।

इसे भी पढ़ें: इन 4 तरह के मीठे दुश्मनों से हमेशा रहें सावधान

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...