चीन में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर भारी टैक्स, सरकार चाहती है बिना सुरक्षा के संबंध बनाएं कपल्स
बीजिंग/वाशिंगटन: दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश चीन अब एक ऐसी समस्या से जूझ रहा है, जिसकी कभी किसी ने कल्पना नहीं की थी। चीन में जन्मदर (Birth Rate) इतनी गिर गई है कि सरकार अब युवाओं को कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल न करने के लिए मजबूर कर रही है। इसके लिए चीन ने एक नया और विवादित तरीका निकाला है, इन उत्पादों पर भारी-भरकम टैक्स लगा देना।
13% टैक्स की मार, अब 600 रुपये से महंगा मिलेगा कंडोम
चीन ने 1 जनवरी, 2026 से कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियों और अन्य संबंधित उत्पादों पर 13 प्रतिशत वैट (VAT) लागू कर दिया है।
कंडोम की कीमत: अब चीन में एक पैकेट कंडोम की कीमत लगभग 50 युआन (करीब 600-630 भारतीय रुपये) तक पहुँच गई है।
गर्भनिरोधक गोलियां: एक महीने की गर्भनिरोधक गोलियों का खर्च अब लगभग 130 युआन (करीब 1150 रुपये) के आसपास होगा। चीन सरकार का मानना है कि महंगे होने की वजह से लोग इनका इस्तेमाल कम करेंगे, जिससे जन्मदर में इजाफा हो सकता है।

क्यों परेशान है चीन
‘द कन्वर्सेशन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में प्रजनन दर (Fertility Rate) गिरकर 1.0 बच्चे प्रति महिला तक पहुँच गई है। सरकार इसे बढ़ाकर दोगुना करना चाहती है। दशकों तक ‘एक बच्चा नीति’ चलाने वाले चीन को अब एहसास हो रहा है कि उसकी आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है और काम करने वाले युवाओं की कमी होती जा रही है।
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बच्चे पैदा करने पर मिल रहे हैं इनाम
जहाँ गर्भनिरोधक उत्पादों को महंगा किया गया है, वहीं बच्चा पैदा करने वाले परिवारों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।
कैश रिवॉर्ड: तीन साल या उससे कम उम्र के हर बच्चे के लिए परिवार को लगभग 3,600 युआन (करीब 42,000 रुपये) की आर्थिक मदद दी जा रही है।
टैक्स फ्री सेवाएं: बच्चों की देखभाल (Child Care) और शादी से जुड़ी सेवाओं को पूरी तरह ड्यूटी-फ्री रखा गया है।
भारी बजट: चीन ने ‘नेशनल चाइल्ड केयर कार्यक्रम’ के लिए करीब 90 अरब युआन का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।
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