शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या में यूपी कनेक्शन का खुलासा, सीक्रेट वॉट्सऐप ग्रुप से हुई साजिश

bengal murder up link

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच में अब तक के सबसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस वारदात के तार सीधे उत्तर प्रदेश से जुड़ते पाए गए हैं, जिसने जांच एजेंसियों को नई दिशा दे दी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई आम वारदात नहीं, बल्कि अंर्तराज्यीय साजिश का नतीजा है।

सीक्रेट वॉट्सऐप ग्रुप पर तैयार हुआ खूनी खाका

जांच एजेंसियों को हत्या के आरोपियों के मोबाइल फोन से ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं जो बताते हैं कि पूरी साजिश बेहद सुनियोजित थी। आरोपियों ने एक गुप्त वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था, जिसमें हमले की योजना, शूटरों की आवाजाही, लोकेशन शेयरिंग और भागने का समय तय किया गया। एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इसी ग्रुप के जरिए सुपारी किलरों को ऑपरेट किया जा रहा था, और अब जांच उस मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर केंद्रित है, जो पर्दे के पीछे से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

यूपी कनेक्शन, ऑनलाइन विज्ञापन से खुला नया अध्याय

इस मामले में उत्तर प्रदेश का एंगल उस समय सामने आया जब पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार का लिंक सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति से खंगाला। उस व्यक्ति ने अपनी गाड़ी बेचने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था, जिसके बाद यूपी के एक कथित खरीदार ने उसे फोन किया। एसआईटी की एक विशेष टीम अब उत्तर प्रदेश में इसी संदिग्ध फोन कॉल करने वाले की तलाश में जुटी है, क्योंकि शक है कि उसी ने इस कार को हमले के लिए मुहैया कराया था।

फर्जी नंबर प्लेट और लावारिस बाइक

पुलिस जांच में और भी कई रहस्य सामने आए हैं। बारासात रेल गेट नंबर-11 के पास से एक संदिग्ध बाइक बरामद हुई है, जबकि एयरपोर्ट इलाके से मिली गाड़ियों की नंबर प्लेटें फर्जी निकली हैं। इसके अलावा, पुलिस को एक लाल रंग की चारपहिया गाड़ी की तलाश है, जिसमें करीब 7-8 हमलावरों के सवार होने की आशंका है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह गाड़ी बंगाल के बाहर किसी राज्य में पंजीकृत है, जो अंर्तराज्यीय षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।

इसे भी पढ़ें: छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर किया दुष्कर्म

जेल में बंद कैदियों की कॉल डिटेल्स खंगाल रही एसआईटी

जांच का एक और अहम सिरा बंगाल की जेलों की ओर जा रहा है। एसआईटी को गंभीर आशंका है कि जेल में बंद कुछ कुख्यात अपराधियों ने इस पूरे सुपारी किलिंग ऑपरेशन को रिमोटली ऑपरेट किया है। पुलिस अब उन अपराधियों की कॉल डिटेल्स और उनसे मिलने आने वालों की सूची बारीकी से खंगाल रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि उनके तार यूपी या दूसरे राज्यों के शूटरों से कैसे जुड़े हैं।

इसे भी पढ़ें: यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, महिला-दलित चेहरों को मिल सकती है जिम्मेदारी

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...