यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, महिला-दलित चेहरों को मिल सकती है जिम्मेदारी

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Newschuski Digital Desk: बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अब पूरी तरह उत्तर प्रदेश पर फोकस कर चुका है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, योगी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही कभी भी इसकी घोषणा हो सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 10 से 15 मई के बीच योगी का नया मंत्रिमंडल सामने आ सकता है। इस विस्तार को पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति के तौर पर देख रही है।

मौजूदा मंत्रियों के भी बदल सकते हैं विभाग

हालाँकि अभी अंतिम सूची पर मुहर नहीं लगी है, लेकिन चर्चा में शामिल नामों में भूपेंद्र चौधरी, पूजा पाल, कमलेश पासवान, आशा मौर्य और मनोज पांडेय प्रमुख हैं। सूत्रों के मुताबिक, करीब छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। पार्टी इस बदलाव के जरिए प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को भी दुरुस्त करना चाहती है।

PDA फॉर्मूले की काट तैयार करने में जुटी BJP

बीजेपी इस कैबिनेट विस्तार के जरिए समाजवादी पार्टी के पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (PDA) फॉर्मूले की काट तलाश रही है। सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रिमंडल में महिलाओं, दलितों और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी का क्षेत्रीय संतुलन भी ध्यान में रखा जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि हर वर्ग और हर क्षेत्र की आवाज सरकार में शामिल हो।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर लगातार अभियान चला रही भाजपा इस बार कैबिनेट में महिला नेताओं की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है। फतेहपुर से तीन बार विधायक रहीं कृष्णा पासवान का नाम इस दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। उनके जरिए पार्टी एक साथ महिला और दलित दोनों समीकरण साध सकती है। वहीं, महमूदाबाद से विधायक आशा मौर्य भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में पासी समाज की नाराजगी को देखते हुए BJP इस वर्ग को फिर से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

रायबरेली पर दांव, मनोज पांडेय भी रेस में

कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से भाजपा विधायक मनोज पांडेय का नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल है। मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा रायबरेली क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर सकती है। वहीं, अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेश दिलेर और पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा (ब्राह्मण चेहरा) को भी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। संगठन या मंत्रिमंडल दोनों में से किसी भी मोर्चे पर इनकी तैनाती हो सकती है।

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बिहार-बंगाल के कार्यक्रमों के बाद यूपी पर होगा पूरा फोकस

फिलहाल भाजपा नेतृत्व बिहार और पश्चिम बंगाल में सरकार गठन और शपथ ग्रहण में व्यस्त है। 7 मई को बिहार में कैबिनेट विस्तार होना है, जबकि 9 मई को पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह है। इन कार्यक्रमों के निपट जाने के बाद उत्तर प्रदेश पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी मंत्रिमंडल का यह विस्तार सिर्फ एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा होगा।

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