विवाहित पुरुषों में बढ़ी खुदकुशी की प्रवृत्ति, 10 साल में 82% का उछाल

NCRB Suicide Data

NCRB Suicide Data: देश में वैवाहिक विवादों और पारिवारिक कलह के चलते होने वाली मौतों के पैटर्न में एक बड़ा और चिंताजनक बदलाव देखने को मिला है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारत में शादीशुदा पुरुषों द्वारा खुदकुशी करने के मामले बेहद तेजी से बढ़े हैं। साल 2015 से अब तक के आंकड़ों पर गौर करें तो यह संख्या करीब दोगुनी हो चुकी है।

दस साल पहले यानी 2015 में जहां देश भर में 2,497 पुरुषों ने वैवाहिक जीवन के तनाव या पत्नी से विवाद के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त की थी, वहीं हालिया वार्षिक रिपोर्ट (2025) में यह आंकड़ा बढ़कर 4,536 तक पहुँच गया है, जो सीधे तौर पर 82 फीसदी की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है।

अब महिलाएं कम, पुरुष ज्यादा दे रहे जान

एनसीआरबी के रिकॉर्ड बताते हैं कि पहले वैवाहिक समस्याओं को लेकर खुदकुशी करने के मामलों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी ज्यादा हुआ करती थी। लेकिन साल 2022 के बाद से यह ट्रेंड पूरी तरह पलट गया। हालिया आंकड़ों (2024) के अनुसार, वैवाहिक कलह के चलते कुल 8,524 लोगों ने खुदकुशी की, जिसमें पुरुषों की हिस्सेदारी 53% से अधिक रही।

कम उम्र में महिलाएं, तो परिपक्व उम्र में पुरुष उठा रहे आत्मघाती कदम

रिपोर्ट में उम्र के लिहाज से भी एक बेहद चौंकाने वाला अंतर सामने आया है।

कम उम्र में महिलाएं आगे: खुदकुशी करने वाली महिलाओं में से करीब दो-तिहाई (66%) की उम्र 30 साल से कम थी। यानी 18 से 30 वर्ष की उम्र के बीच महिलाएं वैवाहिक तनाव के कारण ज्यादा आत्मघाती कदम उठा रही हैं।

बड़ी उम्र में पुरुष संवेदनशील: इसके विपरीत, खुदकुशी करने वाले पुरुषों में से आधे से अधिक लोग 30 वर्ष से अधिक उम्र के थे। आंकड़ों के मुताबिक, 40 फीसदी पुरुष ऐसे थे जिनकी उम्र 30 से 45 वर्ष के बीच थी।

रोज का खौफनाक औसत: देश में शादी या पति-पत्नी के बीच जारी कलह के चलते हर दिन औसतन 23 से 24 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इनमें से हर रोज औसतन 12 पुरुष और 11 महिलाएं शामिल हैं।

NCRB Suicide Data

उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सबसे आगे

वैवाहिक जीवन में खुदकुशी के पीछे मुख्य वजहों में दहेज उत्पीड़न, विवाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स), आपसी सामंजस्य का अभाव और तलाक जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले सामंजस्य न बैठ पाने (एडजस्टमेंट इश्यूज) की वजह से हजारों लोगों ने मौत को गले लगाया।

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इस मामले में राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है। यूपी में शादी के बाद आपसी तालमेल न बैठ पाने की वजह से सबसे ज्यादा लोगों ने जान दी। इसके बाद दूसरे पायदान पर महाराष्ट्र का नंबर आता है। इसके अलावा, बीते वर्षों में विवाहेतर संबंधों के कारण होने वाली खुदकुशी की दरों में भी देशव्यापी स्तर पर काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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