पानीपत रेलवे स्टेशन पर यूपी-बिहार की ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर छठे दिन भी धरना जारी
पानीपत: पानीपत रेलवे स्टेशन पर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड एवं अन्य पूर्वांचली क्षेत्रों की ओर जाने वाली विभिन्न ट्रेनों के ठहराव और आगामी त्योहारों के सीजन में विशेष ट्रेनें चलाने की मांग को लेकर पूर्वांचल समाज का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। धरने में पहुँचे श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी श्रीगुरु शिवाधर दुबे महाराज ने समाज की इस मांग का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पानीपत के औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में पूर्वांचल समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में हजारों परिवारों के निरंतर आवागमन को देखते हुए पर्याप्त रेल सुविधा उपलब्ध कराना केवल पूर्वांचल समाज ही नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र के यात्रियों के हित में है।
राजनीति से ऊपर उठकर समाधान करे प्रशासन
स्वामी ने स्पष्ट किया कि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का विरोध करना नहीं है, बल्कि जनहित के मुद्दे को सरकार और रेलवे प्रशासन तक पहुँचाना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या की गंभीरता को समझेंगे और पानीपत स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव तथा त्योहारी सीजन में स्पेशल ट्रेनें चलाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। धरने के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने भी पूर्वांचल समाज की इस जायज मांग को अपना समर्थन दिया।

मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी
पूर्वांचल समाज के प्रधान उमा शंकर राय ने बताया कि यूपी-बिहार की ट्रेनों के ठहराव को लेकर दिन-रात धरना दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों का स्थाई समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। धरने के दौरान कांग्रेस, जजपा और सीपीएम सहित कई राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुँचकर अपना समर्थन दिया। हालांकि, स्थानीय बीजेपी पार्षदों को छोड़कर किसी बड़े सत्ताधारी जनप्रतिनिधि के न पहुँचने पर आयोजकों ने मायूसी जताई। इस अवसर पर परशुराम महाराज, अमित सिंह, उमाशंकर, दयानन्द यादव, राजू श्रीवास्तव, अवधेश यादव, रोहित सिंह, अमन कुमार, आनन्द प्रकाश, पीएन सिंह, मनोज सिंह, अनिकेत पांडेय, मधु शुक्ला, पूनम रामदेव और पूनम कश्यप समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें: नाना पाटेकर : अभिनय का वह विद्रोही स्वर जो कभी खामोश नहीं होगा
इसे भी पढ़ें: बीजेपी के लोग तो खामोश हैं?
