Karwa Chauth Puja Vidhi: करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने के सरल मंत्र, पूजा की विधि और जरूरी नियम
Karwa Chauth Puja Vidhi: हिन्दू धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है। इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। इस व्रत का मुख्य आकर्षण रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करना और उन्हें अर्घ्य देना होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
चंद्रमा को अर्घ्य देने के सरल और प्रभावी मंत्र
करवा चौथ पर चंद्र देव को जल अर्पित करते समय कुछ आसान मंत्रों का उच्चारण किया जा सकता है, जिन्हें आसानी से याद रखा जा सकता है।
मंत्र: ॐ सोमाय नमः (अर्थ: चंद्र देव को कोटि-कोटि नमन)
मंत्र: ॐ चन्द्राय नमः
इसके अलावा, चंद्र देव की आराधना के लिए इस पौराणिक स्तुति का भी पाठ किया जाता है।
दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥
इस स्तुति में चंद्रमा के शीतल, उज्ज्वल और भगवान शिव के मस्तक पर आभूषण के रूप में सुशोभित स्वरूप का सुंदर वर्णन किया गया है। परिवार की परंपरा के अनुसार इनमें से किसी भी मंत्र का चयन किया जा सकता है।

कैसे दें चंद्रमा को अर्घ्य और क्या है छलनी की परंपरा
चंद्रोदय के बाद पूजा की थाली में छलनी, दीपक, रो अक्षत और जल से भरा करवा (लोटा) सजाकर बाहर आएं। सबसे पहले छलनी से चंद्रमा के दर्शन करें और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें। इसके बाद चंद्र देव को जल अर्पित कर अर्घ्य दें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
इसे भी पढ़ें: यूपी में करवट बदलती राजनीति
पूजा के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पूजा की सभी सामग्रियां पहले से ही व्यवस्थित कर लें।
अपने शहर के पंचांग या स्थानीय समयानुसार चंद्रोदय का सही समय अवश्य जांच लें।
व्रत के दौरान अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखें और पूजा पूरी श्रद्धा व विश्वास के साथ करें।
इसे भी पढ़ें: अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाने वाला व्रत
