ई-मेल से शुरू हुई थी प्रतीक और अपर्णा की लव स्टोरी, जानें सैफई की उस शाही शादी की कहानी
Newschuski Digital Desk: दिवंगत प्रतीक यादव भले ही सियासत से दूर रहे, लेकिन उनकी और अपर्णा यादव की प्रेम कहानी हमेशा चर्चा में रही। यह कहानी साल 2001 में एक स्कूल फ्रेंड की बर्थडे पार्टी से शुरू हुई थी। उस वक्त अपर्णा को यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस लड़के से उनकी बात हो रही है, वह उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। उस पार्टी में प्रतीक ने अपर्णा से उनकी ई-मेल आईडी मांगी थी, जो आगे चलकर उनकी प्रेम कहानी का मुख्य जरिया बनी।

उस दौर में जब मोबाइल का चलन आज जैसा नहीं था, प्रतीक ई-मेल के जरिए अपने दिल की बात अपर्णा तक पहुंचाते थे। एक दिन जब अपर्णा ने इनबॉक्स चेक किया, तो वहां प्रतीक के कई मेल थे, जिनमें से एक में उन्होंने अपने प्यार का इजहार किया था। यहीं से शुरू हुआ मुलाकातों और 10 साल लंबी दोस्ती व प्रेम का वो सफर, जो साल 2011 में शादी के मंडप तक पहुंचा।

जब बेटे की जिद के आगे झुके नेताजी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2004 के आसपास जब दोनों परिवारों को इस रिश्ते की भनक लगी, तो शुरुआती तौर पर मुलायम सिंह यादव इस शादी के पक्ष में नहीं थे। हालांकि, अपर्णा के पिता वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार बिष्ट मान चुके थे, लेकिन नेताजी को मनाने की जिम्मेदारी प्रतीक ने अपनी मां साधना गुप्ता को सौंपी।

साधना गुप्ता के हस्तक्षेप और समझाने के बाद आखिरकार मुलायम सिंह तैयार हुए और दिसंबर 2011 में सैफई में एक ऐसी शादी हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन से लेकर देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

हाल के वर्षों में जब अपर्णा यादव ने भाजपा का दामन थामा और प्रतीक के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ अलग तरह की पोस्ट दिखीं, तो रिश्तों में खटास की खबरें उड़ीं। लेकिन प्रतीक ने अपर्णा के साथ अपनी तस्वीर साझा कर ऑल इज वेल लिखकर इन अफवाहों को खत्म कर दिया था। बुधवार को उनके आकस्मिक निधन ने इस खूबसूरत सफर का दुखद अंत कर दिया।


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