अमरोहा सामूहिक दुष्कर्म में नया खुलासा, दरोगा के फोन पर खुलवाया गया था विधायक के फार्म हाउस का कमरा
Amroha News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में स्थित खानपुर विधायक के फार्म हाउस से जुड़े चर्चित युवती सामूहिक दुष्कर्म मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाली परतें खुलती जा रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब फार्म हाउस के केयरटेकर के बयान से एक नया और अहम तथ्य सामने आया है। केयरटेकर के मुताबिक, घटना से पहले फार्म हाउस के कमरे किसी आम अनुमति से नहीं, बल्कि यूपी पुलिस के एक दरोगा के फोन कॉल के बाद खुलवाए गए थे। दरोगा ने फोन पर दावा किया था कि ‘गृह मंत्रालय की एक महिला अधिकारी’ जांच के सिलसिले में वहां पहुंच रही हैं, जिनके साथ सुरक्षाकर्मी भी होंगे।
गृह मंत्रालय की अधिकारी आ रही हैं कहकर खुलवाए थे कमरे
यह पूरा मामला अतरासी-हसनपुर रोड स्थित झुलपुरी गांव के पास बने खानपुर विधायक के फार्म हाउस से जुड़ा है। फार्म हाउस के केयरटेकर रामनिवास ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 21 सितंबर की शाम करीब 7 बजे उसके पास रजबपुर थाने में तैनात एक दरोगा का फोन आया था।
केयरटेकर के अनुसार, कॉलर ने उसे हिदायत दी कि गृह मंत्रालय की एक महिला अधिकारी किसी विशेष मामले की जांच के लिए वहां आ रही हैं। उनके साथ कुछ सुरक्षाकर्मी भी हैं, जिन्हें कुछ घंटों के लिए उस फार्म हाउस में ठहराया जाना है। जब केयरटेकर ने फार्म हाउस के मालिक यानी विधायक से बात कराने की बात कही, तो दरोगा ने रौब दिखाते हुए कहा कि उसकी विधायक से पहले ही बात हो चुकी है। इसके बाद दबाव में आकर केयरटेकर ने फार्म हाउस के दो कमरे खुलवा दिए।
कमरे खुलने के बाद ठहरे थे पांच लोग
केयरटेकर के कमरे खुलवाने के बाद वहां कुल पांच लोगों को ठहराया गया था, जिसके बाद केयरटेकर वहां से चला गया और परिसर में केवल चौकीदार मंगली उर्फ रुस्तम मौजूद था। इसी दौरान हरियाणा की 23 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की यह घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब देर रात करीब साढ़े तीन बजे हसनपुर और रजबपुर पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। चौकीदार के सूचना देने पर पुलिस ने पीड़ित युवती को रेस्क्यू किया और पूरी घटना की जानकारी ली। पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार मुख्य नामजद आरोपियों को दबोच लिया।
सख्त कार्रवाई की जद में आरोपी, चार गिरफ्तार
इस जघन्य मामले में पुलिस ने जिन चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें खाकी को कलंकित करने वाले और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े लोग हेड कांस्टेबल मोहित सीआरपीएफ (दिल्ली की 5वीं बटालियन में तैनात), इंस्पेक्टर लालाराम यादव सीआरपीएफ (असम की 156वीं बटालियन में तैनात), दरोगा संजय तोमर हसनपुर थाना (यूपी पुलिस) और सिपाही प्रमोद हसनपुर थाना (यूपी पुलिस) शामिल हैं।
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पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया है और आरोपियों से लगातार कड़ी पूछताछ जारी है। इस बीच, यूपी पुलिस के दोनों कर्मियों के खिलाफ विभागीय बर्खास्तगी व अन्य सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, सीआरपीएफ के दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उनके उच्चाधिकारियों को औपचारिक सूचना भेज दी गई है।
अब जांच के घेरे में फोन करने वाला रहस्यमयी दरोगा
केयरटेकर के इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब अमरोहा पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर वह दरोगा कौन था जिसने झूठी कहानी गढ़ी? उसने किसके इशारे पर गृह मंत्रालय की फर्जी बात कहकर कमरे खुलवाए थे और क्या उसे आरोपियों की असल मंशा की पहले से जानकारी थी? इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस गहराई से तफ्तीश कर रही है। हालांकि, अब तक सामने आई पुलिस रिपोर्ट और तथ्यों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में खानपुर विधायक की किसी भी प्रकार की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
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