NEET Paper Leak: राहुल गांधी के हमले पर जेपी नड्डा का करारा पलटवार, सिलेक्टिव राजनीति न करें, जारी है जांच
NEET Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक भीषण राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर गतिरोध चरम पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष इस गंभीर मामले को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई कड़े सवाल दागे, जिसके तुरंत बाद सरकार की ओर से राज्यसभा के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए मामले की पूरी तस्वीर सामने रखी।
राहुल गांधी का सरकार पर चौतरफा हमला
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट अभ्यर्थियों के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को देश के युवाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। राहुल ने साफ किया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष छात्रों की इन जायज मांगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तुरंत मीडिया के सामने आए। नड्डा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें सिलेक्टिव करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष युवाओं के भविष्य से जुड़े इतने संवेदनशील मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहा है। जेपी नड्डा ने कहा, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि आप इतने सिलेक्टिव क्यों हैं? इस गंभीर समस्या से पॉलिटिकल माइलेज लेना बिल्कुल सही नहीं है। नड्डा ने संसद में राहुल द्वारा 150 पेपर लीक मामलों के दिए गए प्रेजेंटेशन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले की अत्यंत निष्पक्ष और गहन जांच करा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
#WATCH | Delhi: Union Health Minister JP Nadda says, "Leader of the Opposition Rahul Gandhi, gave a presentation and in that presentation, he discussed approximately 150 paper leaks. This is a matter of investigation, and the government, being a responsible government, will… pic.twitter.com/oSkpOHTJPs
— ANI (@ANI) July 22, 2026
संसद में विपक्ष के रवैये पर जेपी नड्डा ने उठाए सवाल
संसद के मानसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे और ठप पड़ी कार्यवाही को लेकर जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों (इंडि गठबंधन) को आड़े हाथों लिया। राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद की स्थापित मर्यादाओं को तार-तार कर रहा है और प्रजातांत्रिक मूल्यों का हनन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा में भाग लेने के बजाय सिर्फ हंगामे के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
जंतर-मंतर पर डटी CJP, तटस्थ जगह पर वार्ता की शर्त
संसद के भीतर जारी घमासान के बीच राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभ्यर्थियों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध-प्रदर्शन लगातार उग्र रूप धारण कर रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन यह वार्ता किसी मंत्री के आवास या सरकारी कार्यालय के बजाय किसी ‘तटस्थ स्थान’ पर ही होगी।
कॉजपा प्रवक्ता सौरव दास ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें सूचित किया था कि स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा अपने आवास पर बातचीत करना चाहते हैं। दास ने कहा, हमने किसी के आवास पर जाने से इनकार कर दिया है। जनता की अदालत जंतर-मंतर पर है। अगर सुरक्षा का कोई विषय है, तो पास के ही किसी न्यूट्रल जगह पर वार्ता हो सकती है।
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प्रमुख मांगें और सोनम वांगचुक का 25 दिन से अनशन जारी
CJP ने सरकार के सामने कई प्रमुख शर्तें रखी हैं
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा।
नीट विवाद के बाद मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी FIR की बिना शर्त वापसी और इसकी आधिकारिक लिखित गारंटी।
यह आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि मुंबई, गोवा और जयपुर जैसे देश के प्रमुख शहरों में भी फैल चुका है। जंतर-मंतर पर प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। वांगचुक का कहना है कि यदि सरकार छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने की लिखित गारंटी देती है और मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाती है, तो वे अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।
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