नगरकोट धाम: यहाँ मक्खन से दूर होते हैं चर्म रोग, जानें माँ ब्रजेश्वरी शक्तिपीठ का रहस्य
Kangra Brajeshwari Temple: देवभूमि हिमाचल के कांगड़ा जिले में स्थित माँ ब्रजेश्वरी देवी मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं और चमत्कारी मान्यताओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह मंदिर माता के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहाँ माता सती का दाहिना वक्ष गिरा था। यहाँ माँ पिंडी स्वरूप में विराजमान हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।
मक्खन चढ़ाने की अनोखी परंपरा
इस मंदिर की सबसे खास विशेषता मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाला घृतमंडल उत्सव है। कहा जाता है कि महिषासुर का वध करने के बाद माता के शरीर पर कई चोटें आई थीं। उन घावों को भरने और शरीर को शीतलता प्रदान करने के लिए माता ने स्वयं अपने शरीर पर मक्खन लगाया था। इसी परंपरा को निभाते हुए मकर संक्रांति पर माता की पिंडी को मक्खन के परतों से ढका जाता है। यह उत्सव एक सप्ताह तक चलता है।
चमत्कारी प्रसाद: उत्सव के बाद इस मक्खन को उतारा जाता है और भक्तों में बांटा जाता है। मान्यता है कि यह मक्खन खाने के लिए नहीं, बल्कि लगाने के लिए होता है और इससे चर्म रोग (Skin Diseases) जड़ से खत्म हो जाते हैं।
इतिहास और स्थापत्य
माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में पांडवों द्वारा करवाया गया था। इतिहास गवाह है कि यह मंदिर अपनी अपार धन-संपदा के लिए भी प्रसिद्ध था, जिसके कारण कई विदेशी आक्रमणकारियों (जैसे महमूद गजनवी) ने इसे लूटा, लेकिन भक्तों की आस्था ने हर बार इस धाम को फिर से जीवित किया।
