इजरायल ने हमास के टॉप इंटेलिजेंस चीफ को किया ढेर, साथ में बेटा भी मारा गया
Newschuski Digital Desk: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर है। इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए खूनी हमले का करारा जवाब देते हुए हमास के शीर्ष खुफिया अधिकारी को मार गिराने का दावा किया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की है कि हमास के मिलिट्री इंटेलिजेंस ऑपरेशंस के प्रमुख इयाद अहमद अब्द अल-रहमान शंबारी एक सटीक हवाई हमले में मारे गए। यह वही नाम है जिसे पिछले साल अक्टूबर में इजरायली धरती पर हुए सबसे विनाशकारी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है।
शंबारी कौन था
फिलिस्तीनी सूत्रों ने भी मंगलवार को हुए हमलों में शंबारी के मारे जाने की पुष्टि कर दी थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया था कि गाजा पट्टी पर इजरायली बमबारी में पांच लोग मारे गए हैं, जिनमें एक हमास कमांडर और मासूम नौ साल का बच्चा भी शामिल था। हालांकि बाद में साफ हुआ कि इन्हीं हमलों में शंबारी भी ढेर हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तबाही के इस सिलसिले में शंबारी का बेटा भी उसके साथ मारा गया।
צה״ל ושב"כ חיסלו את ראש מחלקת המבצעים במטה המודיעין הצבאי של ארגון הטרור חמאס
כוחות צה״ל בפיקוד הדרום ושב״כ תקפו אתמול (ג׳) בצפון רצועת עזה וחיסלו את המחבל איאד אחמד עבד אלרחמן שמבארי, ראש מחלקת המבצעים במטה המודיעין הצבאי של ארגון הטרור חמאס.
שמבארי שימש בשנים האחרונות כראש… pic.twitter.com/m0XOUlOweF
— צבא ההגנה לישראל (@idfonline) April 29, 2026
7 अक्टूबर 2023: वह काला दिन जिसने बदल दी तस्वीर
यह कहानी उस दिन से शुरू होती है जब हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर सुनियोजित और बड़ा हमला किया था। आतंकियों ने इजरायल के कई बड़े शहरों में घुसकर अंधाधुंध वारदातें कीं। इस हमले में लगभग 1200 इजरायली नागरिक मारे गए थे, जबकि 200 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था। यही वह वाकया था जिसने इस भीषण युद्ध की शुरुआत कर दी।
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दो साल में हजारों की मौत, लाखों बेघर
इजरायल ने इसके जवाब में गाजा पट्टी में जमकर कार्रवाई की। करीब दो साल तक चली इस भीषण जंग में हजारों फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए और लाखों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। बीते साल अमेरिका की मध्यस्थता में युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसके तहत इजरायल ने हमले रोके और हमास ने बंधकों को रिहा किया, लेकिन वह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई।
युद्धविराम के बाद भी नहीं रुकी हिंसा
भले ही औपचारिक रूप से जंग बंद हुई, लेकिन हिंसा के सिलसिले थमने का नाम नहीं ले रहे। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, संघर्षविराम शुरू होने के बाद भी अब तक कम से कम 818 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। शंबारी का मारा जाना यह साबित करता है कि इजरायल अब भी उन लोगों तक पहुंच रहा है जिन्होंने कभी 7 अक्टूबर की साजिश रची थी।
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