दक्षिण कोरिया को अलविदा कहेगी होंडा, 23 साल बाद कार बाजार से बाहर निकलने का फैसला
सियोल/टोक्यो: जापानी वाहन निर्माता कंपनी होंडा मोटर कंपनी (Honda Motor Company) ने दक्षिण कोरियाई बाजार से पूरी तरह हटने का निर्णय लिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह वर्ष 2026 के अंत तक वहां नई कारों की बिक्री बंद कर देगी। हालांकि, होंडा ने अपने मौजूदा ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि सर्विसिंग और स्पेयर पार्ट्स जैसी ‘आफ्टर-सेल्स’ सेवाएं भविष्य में भी जारी रहेंगी।
होंडा ने साल 2004 में दक्षिण कोरियाई बाजार में कदम रखा था। दो दशकों से अधिक समय तक उपस्थिति के बावजूद, कंपनी अपनी स्थिति मजबूत करने में विफल रही। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं।
बिक्री में भारी गिरावट: साल 2025 में कंपनी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह पूरे साल में 2000 कारें भी नहीं बेच पाई।
प्रतिस्पर्धा में पिछड़ी: मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, होंडा ने केवल 84 गाड़ियां बेचीं, जबकि इसी अवधि में टेस्ला, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज-बेंज जैसे लग्जरी ब्रांड हजारों यूनिट्स बेच रहे थे।
लोकप्रिय मॉडल्स की विदाई: होंडा एकॉर्ड (Accord) और सीआर-वी (CR-V) जैसे वैश्विक स्तर पर सफल मॉडल्स भी कोरियाई ग्राहकों को लुभाने में नाकाम रहे।
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वैश्विक रणनीति में बदलाव का संकेत
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि होंडा का यह कदम उसकी व्यापक वैश्विक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी अब अपना ध्यान और संसाधन उन देशों में केंद्रित करना चाहती है जहां विकास की संभावनाएं अधिक हैं और जहां इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा
होंडा ने ग्राहकों की चिंता दूर करते हुए आधिकारिक बयान में कहा है, भले ही नई कारों की बिक्री बंद हो जाएगी, लेकिन हम अपने ग्राहकों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और वारंटी सेवाएं पहले की तरह ही सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
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