भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में हरीश द्विवेदी बने राष्ट्रीय महासचिव, जानें उनकी पूरी प्रोफाइल
BJP National Team Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी है। इस नई कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश के आठ प्रमुख चेहरों को जगह दी गई है, जिनमें बस्ती लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे हरीश द्विवेदी को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय महासचिव का पद सौंपा गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही हरीश द्विवेदी लगातार संगठन के कार्यों में सक्रिय रहे हैं और वर्तमान में असम भाजपा प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
बस्ती के तेलियाजोत गांव के रहने वाले हैं हरीश द्विवेदी
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के तेलियाजोत गांव में जन्मे हरीश द्विवेदी एक संभ्रांत ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1971 को हुआ था। वर्ष 2006 में उनका विवाह विनीता द्विवेदी के साथ संपन्न हुआ। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में जगह बनाने वाले हरीश द्विवेदी का शुरुआती जीवन सादगी और संगठन सेवा से जुड़ा रहा है।

ABVP से राजनीति में कदम और शैक्षणिक योग्यता
हरीश द्विवेदी ने वर्ष 1991 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।
शैक्षणिक योग्यता: हरीश द्विवेदी ने वर्ष 1998 में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) से राजनीति विज्ञान (Political Science) में एमए (Master of Arts) की डिग्री हासिल की है।
संगठनात्मक अनुभव: विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने युवाओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई, जिसके बाद उन्हें भाजपा युवा मोर्चा और फिर मुख्य संगठन में राष्ट्रीय सचिव जैसी कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
2012 के विधानसभा चुनाव से 2024 के लोकसभा चुनाव तक का सियासी सफर
हरीश द्विवेदी ने पहली बार वर्ष 2012 में बस्ती सदर सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि इस चुनाव में उन्हें बसपा (BSP) प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए 2014 के लोकसभा चुनाव में बस्ती से मैदान में उतारा, जहाँ जीतकर वे पहली बार सांसद बने। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की। हालांकि, 2024 के आम चुनाव में उन्हें सपा प्रत्याशी से कड़े मुकाबले में हार झेलनी पड़ी। चुनाव हारने के बावजूद पार्टी ने उनके संगठनात्मक कौशल को देखते हुए उन्हें असम राज्य का प्रभारी बनाया और हाल ही में उन्हें राजस्थान के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भी प्रभारी नियुक्त किया गया था।
इसे भी पढ़ें: नितिन नवीन की टीम में स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को महासचिव की जिम्मेदारीसंसदीय समितियों में भी निभा चुके हैं महत्वपूर्ण भूमिका
सांसद रहने के दौरान हरीश द्विवेदी को केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में कार्य करने का अवसर मिला। वे संसद की ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति के सदस्य रहे हैं। इसके अलावा 2014 से 2019 के बीच उन्होंने कोयला मंत्रालय की सलाहकार समिति, सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति और वित्त संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर उभरी दिमागी नक्सल पार्टी
